उरई/कोंच। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में मंगलवार को सीबीआई की लखनऊ टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एट डाकघर से दो शाखा डाकपालों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ने के बाद टीम ने उनकी निशानदेही पर कोंच से एक डाक निरीक्षक को भी हिरासत में लिया है। यह पूरी कार्रवाई एक पोस्टमैन के तबादले के बाद उसे कार्यमुक्त करने के बदले मांगी गई रिश्वत से जुड़ी है।
क्या है पूरा मामला?
एट डाकघर में तैनात पोस्टमैन कृष्ण कुमार का स्थानांतरण बिहार के पटना में हुआ था। नियमानुसार उन्हें रिलीव किया जाना था, लेकिन कोंच के डाक निरीक्षक प्रतीक भार्गव ने इसके बदले में 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। कृष्ण कुमार पहले ही 5 हजार रुपये दे चुके थे।तीन दिन पहले उन पर शेष 10 हजार रुपये देने का दबाव बनाया गया।भ्रष्टाचार से तंग आकर कृष्ण कुमार ने सीबीआई लखनऊ कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।
सीबीआई का जाल: रंगेहाथ धरे गए डाकपाल
सीबीआई की योजना के अनुसार, कृष्ण कुमार ने मंगलवार को डाक निरीक्षक को फोन कर बताया कि वह फिलहाल ढाई हजार रुपये का भुगतान कर सकते हैं। डाक निरीक्षक प्रतीक भार्गव ने वह राशि अकोढ़ी के शाखा डाकपाल सुमित यादव को देने का निर्देश दिया।जैसे ही कृष्ण कुमार ने एट डाकघर पहुंचकर सुमित यादव को रुपये थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी सीबीआई टीम ने उन्हें दबोच लिया। मौके पर सुमित यादव के साथ चंदुर्रा के शाखा डाकपाल आमिर खान भी मौजूद थे, जिन्हें टीम ने हिरासत में ले लिया।
कोंच में हाई वोल्टेज ड्रामा: कमरे में छिपा अधिकारी
गिरफ्तार डाकपालों के बयान के बाद सीबीआई की टीम उन्हें लेकर मुख्य डाकघर कोंच पहुंची। वहां जैसे ही डाक निरीक्षक प्रतीक भार्गव ने सीबीआई टीम को देखा, वे घबरा गए और दौड़कर अपने कमरे में घुसकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद वह बाहर आए, जिसके बाद टीम उन्हें अपने साथ ले गई।
अधिकारियों का बयान
कोंच के पोस्ट मास्टर विनोद कुमार ने पुष्टि की कि सीबीआई की टीम कार्यालय आई थी। उन्होंने बताया कि टीम बिना किसी विस्तृत जानकारी के डाक निरीक्षक प्रतीक भार्गव को अपने साथ ले गई है।इस कार्रवाई से जिले के डाक विभाग और अन्य सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है। सीबीआई अब इस मामले में यह जांच कर रही है कि क्या इस सिंडिकेट में कुछ और लोग भी शामिल हैं।
