पटना/बांका। बिहार में 2026 में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। यह आगामी चुनाव कई बड़े बदलावों का साक्षी बनने वाला है, जिसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल अक्टूबर-नवंबर 2026 में पूरा होने वाला है।
मल्टी पोस्ट EVM का होगा उपयोग
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बार पंचायत चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा।चुनाव में मल्टी पोस्ट ईवीएम लगेंगी, जिसमें कंट्रोल यूनिट तो एक ही होगी, लेकिन बैलेट यूनिट 6 होंगी। मतदाता वार्ड सदस्य से लेकर मुखिया, सरपंच समेत 6 अलग-अलग पदों के लिए एक साथ अलग-अलग बैलेट यूनिट में वोट डाल सकेंगे।
नया आरक्षण रोस्टर और परिसीमन
पंचायत चुनाव इस बार नए आरक्षण रोस्टर के मुताबिक होंगे। इसके लिए नए सिरे से पंचायतों का परिसीमन और आरक्षण रोस्टर का निर्धारण किया जाएगा।पंचायत चुनाव में दो टर्म के बाद आरक्षित श्रेणी की सीटों में बदलाव का प्रावधान है। इसी नियम के अनुसार, आगामी चुनाव में परिवर्तन होंगे। नए सिरे से आरक्षण श्रेणी का निर्धारण होने पर वर्तमान में आरक्षित 6 पदों (जिला परिषद, मुखिया, पंचायत समिति, सरपंच, पंच एवं वार्ड सदस्य) की सीटों में बदलाव होगा, जिससे कई वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों को अपना स्थान बदलना पड़ सकता है।आरक्षण श्रेणी का निर्धारण किए जाने की प्रक्रिया मार्च 2026 के बाद शुरू होने की संभावना है।
बांका जिले में सीटों की स्थिति
बांका जिले की बात करें तो यहाँ जिला परिषद की 25, मुखिया व सरपंच की 182, पंचायत समिति की 246, पंच की 2417 एवं वार्ड सदस्य की 2417 सीटें हैं। इन सभी सीटों पर महिलाओं के लिए ओवरऑल 50 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। नए आरक्षण रोस्टर निर्धारण की सूचना के साथ ही कई पंचायत प्रतिनिधियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।बांका के जिला पंचायती राज पदाधिकारी रवि प्रकाश गौतम ने पुष्टि की है कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है और इस बार पहली बार मल्टी पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल होगा।
