
सोनभद्र : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में शनिवार (15 नवंबर) को ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में हुए भीषण हादसे के बाद भी बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे को 35 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब भी 12 से 14 मजदूर खदान के अंदर फंसे हुए हैं। इस हादसे में अब तक पांच मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग के दौरान हुआ भीषण हादसा
यह त्रासदी मेसर्स कृष्णा माइनिंग कंपनी को आवंटित 400 फीट गहरी राशपहरी पहाड़ी पर स्थित खदान में हुई।शनिवार दोपहर करीब ढाई से तीन बजे के बीच, जब खदान में 9 कंप्रेसर मशीनों का उपयोग कर ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग का काम चल रहा था, तभी पहाड़ी का एक विशाल हिस्सा अचानक टूटकर ढह गया। पहाड़ का हिस्सा गिरने से भगदड़ मच गई। कई मजदूर अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन कई लोग दब गए।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे और बुलडोजर एवं क्रेन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें भी बचाव कार्य में जुट गईं।
बचाव कार्य में भारी चुनौतियां
सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा घटनास्थल पर मौजूद रहकर पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, बचाव टीमों को स्पॉट तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बताया कि मलबे में लगभग 70-75 टन वजनी एक विशाल चट्टान फंसी हुई है, जिसे हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसे हटाने के बाद ही अंदर की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। खदान की अत्यधिक गहराई, लगातार टूटती चट्टानों का खतरा, खदान में भरा पानी और रास्ता ठीक न होना रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहा है।
मृतकों की संख्या 5 हुई, FIR दर्ज
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शनिवार रात को चार शव निकाले गए। पुलिस के अनुसार, अब तक मृतकों की संख्या पांच हो गई है। माना जा रहा है कि खदान में अब भी करीब 12 से 14 मजदूर फंसे हुए हैं, जिन्हें बचाने के लिए बचाव दल प्रयासरत हैंजिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बताया कि स्थानीय थाने में खनन कंपनी के मालिक सहित 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और कानूनी कार्रवाई जारी है। प्रशासन को उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों में चट्टान को हटाने में सफलता मिलेगी।



