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Jharkhand: ‘फाउंडर डे’ पर दिखा ऐतिहासिक नजारा, पहली बार एक साथ नजर आए एन. चंद्रशेखरन, नोएल टाटा और माया टाटा

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नसरवानजी टाटा की 187वीं जयंती के अवसर पर पहली बार टाटा समूह की दो सबसे शक्तिशाली संस्थाओं के प्रमुख एक साथ मंच पर नजर आए। टाटा संस के चेयरमैन डॉ. एन. चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने एक साथ संस्थापक दिवस समारोह की शोभा बढ़ाई।

माया टाटा की उपस्थिति ने बटोरीं सुर्खियां

इस बार का समारोह केवल टाटा के शीर्ष नेतृत्व के मिलन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि टाटा परिवार की अगली पीढ़ी की सक्रियता ने भी सबका ध्यान खींचा। नोएल टाटा की बेटी माया टाटा भी इस दौरान मौजूद रहीं। कॉर्पोरेट गलियारों में माया टाटा की इस उपस्थिति को टाटा समूह के भविष्य और नेतृत्व के बड़े बदलावों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

संस्थापक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

टाटा स्टील प्लांट परिसर के भीतर आयोजित मुख्य समारोह में एन. चंद्रशेखरन, नोएल टाटा ने संस्थापक जमशेदजी नसरवानजी टाटा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद शहरवासियों और कर्मचारियों का अभिवादन स्वीकार किया।

जनता में भारी उत्साह और गर्मजोशी

लौहनगरी के लोगों ने भी अपने प्रिय नेतृत्व को करीब से देखने के इस पल को बेहद गर्मजोशी के साथ जिया। पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल दिखा और लोगों ने हाथ हिलाकर टाटा परिवार का स्वागत किया।

सुरक्षा और भव्यता का संगम

संस्थापक दिवस को लेकर टाटा स्टील प्रबंधन और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। शहर की विद्युत सज्जा और जुबिली पार्क की लाइटिंग ने इस दिन को और भी यादगार बना दिया।

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