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Gujarat: आतंकी मॉड्यूल के मुख्य संदिग्ध अहमद सईद पर हमला, तीन आरोपी कैदी गिरफ्तार;सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

अहमदाबाद। अहमदाबाद के बाहरी इलाके में स्थित साबरमती जेल में सोमवार देर शाम एक बड़ा सुरक्षा उल्लंघन सामने आया है, जहां जेल में बंद कैदियों ने गुजरात के आतंकी मॉड्यूल के मुख्य संदिग्ध डॉ. अहमद सईद पर हमला कर दिया। हमले में संदिग्ध के चेहरे और आंख के पास गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस दोनों हरकत में आ गए हैं।

कौन है घायल आतंकी संदिग्ध?

हमले का शिकार हुए डॉ. अहमद सईद को आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने उसके दो साथियों के साथ एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया था।ATS द्वारा पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद उसे साबरमती जेल की एक उच्च सुरक्षा वाली कोठरी में शिफ्ट किया गया था।

कैसे हुआ हमला? — पुलिस की प्रारंभिक जांच

पुलिस उपायुक्त (DCP — ज़ोन 2) के अनुसार, संदिग्ध पर हमला जेल के उसी विंग में बंद तीन कैदियों ने किया जिसमे अनिल कुमार (हत्या के मामले में सजा काट रहा),शिवम शर्मा (हत्या का दोषी),अंकित लोधी (पॉक्सो व आर्थिक अपराध का आरोपी) है।

हमले से पहले हुई थी तीखी बहस

पुलिस ने बताया कि सईद की उसी विंग में बंद दो अन्य संदिग्ध आतंकियों आजाद और सुहैल से पहले एक तीखी बहस हुई थी।इसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि तीन कैदियों ने उस पर अचानक हमला बोल दिया।हमलावरों ने डंडे से वार किया, जिसे बाद में पुलिस ने मौके से बरामद कर लिया।

गंभीर चोट के बाद तुरंत अस्पताल भेजा गया

हमले में डॉ. सईद के चेहरे और आंख के पास गहरी चोट आई है।जेल प्रशासन द्वारा उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां वह वर्तमान में चिकित्सकीय निगरानी में है।

जेल सुरक्षा पर बड़े सवाल — DCP का बयान

DCP ने माना कि यह घटना जेल सुरक्षा में गंभीर चूक है।उन्होंने कहा—“हमने डॉ. सईद की सुरक्षा के लिए सभी एहतियात बरते थे, लेकिन जब कैदी अपनी मनमानी पर उतर आते हैं, तो सेल ब्लॉक के अंदर की हर गतिविधि को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।”पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक जांच जारी

घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने बहुस्तरीय जांच शुरू कर दी है।विंग में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच,गवाहों से पूछताछ,बरामद डंडे व कोठरी से फोरेंसिक साक्ष्य के रूप में जप्त कर आगे की करवाई की जा रही है।

क्या यह आतंकी साजिश थी? पुलिस ने दिया जवाब

पुलिस का मानना है कि यह हमला किसी सुनियोजित आतंकी प्लान का हिस्सा नहीं था।यह अधिकतर आंतरिक विवाद का परिणाम प्रतीत होता है।

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