
इंदौर। शहर की विजयनगर पुलिस ने डॉ. शिवकुमार यादव की कार पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी सुलझा ली है। इस हमले के पीछे कोई सड़क चलते लुटेरे नहीं, बल्कि सेंट्रल जेल में बंद शहर का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर हेमंत यादव था। पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए जेल की सलाखों के पीछे से 50 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो बदमाश भागने की कोशिश में चोटिल होकर अस्पताल पहुंच गए हैं।
16 दिसंबर की वह खौफनाक वारदात
घटना 16 दिसंबर की है, जब डॉ. शिवकुमार यादव स्कीम नंबर-54 स्थित दूरसंचार कॉलोनी से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उनकी कार को बीच सड़क पर रोक लिया। बदमाशों ने डॉक्टर पर शीशा खोलने का दबाव बनाया, और जब डॉक्टर ने मना किया, तो उन्होंने लोहे की रॉड से कार के शीशे तोड़ डाले। बीच सड़क पर हुई इस गुंडागर्दी से इलाके में दहशत फैल गई थी।
जेल के अंदर रची गई 50 हजार की ‘सुपारी’ वाली साजिश
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि हमले का मास्टरमाइंड परदेशीपुरा का कुख्यात बदमाश हेमंत यादव है, जिस पर 26 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। साल 2022 में डॉ. यादव ने हेमंत के बेटे मोहित के पैर का ऑपरेशन किया था। संक्रमण के कारण मोहित का पैर काटना पड़ा था, जिसे हेमंत ने डॉक्टर की लापरवाही माना और बदला लेने की ठान ली। हेमंत ने जेल के अंदर ही साजिद उर्फ चेतन लाला, मोहसिन और कालू उर्फ आसिफ के साथ मिलकर डॉक्टर के पैर तोड़ने की योजना बनाई। बदमाशों को 50 हजार रुपये की सुपारी दी गई। ड्राइवर विशाल भंडारी ने इस पूरी साजिश के लिए पैसे और लॉजिस्टिक (बाइक आदि) का इंतजाम किया।
पुलिस की कार्रवाई: भागते वक्त टूटे पैर, गिड़गिड़ाने लगे बदमाश
विजयनगर टीआई चंद्रकांत पटेल और एसीपी श्रॉफ के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी साजिद और मोहसिन ने भागने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वे गिर पड़े और उनके पैर टूट गए। गिरफ्तारी के वक्त जो बदमाश कल तक रॉड लहरा रहे थे, वे पुलिस के सामने रोते-बिलखते और “बच्चे क्या सोचेंगे” कहकर गिड़गिड़ाते नजर आए।
आरोपियों का काला चिट्ठा
पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।साजिद उर्फ चेतन लाला पर हत्या के प्रयास सहित 25 से ज्यादा केस,मोहसिन: लूट, चाकूबाजी और डकैती की साजिश के 7 मामले,विशाल भंडारी (फाइनेंसर): 2 आपराधिक मामले और
हेमंत यादव (मास्टरमाइंड): 26 से ज्यादा संगीन मामले है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। वर्तमान में साजिद, मोहसिन और विशाल पुलिस की गिरफ्त में हैं। वहीं, मुख्य साजिशकर्ता हेमंत यादव और आसिफ फिलहाल जेल में हैं, जिन्हें पुलिस जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए थाने लाएगी।
“इंदौर पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जेल के अंदर से साजिश रचने वालों और उनके गुर्गों को सख्त संदेश दिया गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।” — विजयनगर पुलिस प्रशासन



