जानें ये सीन देखकर क्यों रो पड़े दर्शक,फिल्म ने ताजा की पुनी यादें,

सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ रिलीज होते ही दर्शकों के दिलों में खास जगह बना रही है। थिएटर से बाहर निकलते वक्त कई लोगों की आंखें नम नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर भी फिल्म के क्लाइमेक्स की खूब चर्चा हो रही है। सवाल यही है कि आखिर ‘बॉर्डर 2’ में ऐसा क्या है, जो लोगों को इतना भावुक कर रहा है?
Border 2 Most Emotional Scene:
1971 के युद्ध की कहानी, लेकिन इमोशन से भरी है। बता दें कि ‘बॉर्डर 2’ 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित है। यह फिल्म सिर्फ जंग और गोलियों की कहानी नहीं है, बल्कि देश के लिए लड़ने वाले सैनिकों के जज्बे, उनके परिवारों के दर्द, इंतजार और बलिदान को भी बहुत गहराई से दिखाती है।
यह फिल्म पहली ‘बॉर्डर’ का सीधा दोहराव नहीं है, बल्कि नए जवानों और उनकी जर्नी पर फोकस करती है, जिससे दर्शक खुद को कहानी से जोड़ पाते हैं।

सनी देओल बने फतेह सिंह कलेर
फिल्म में सनी देओल आर्मी ऑफिसर फतेह सिंह कलेर के किरदार में नजर आते हैं। वह अपने जवानों को सिर्फ सिपाही नहीं, बल्कि अपना परिवार मानते हैं। वहीं वरुण धवन मेजर होशियार सिंह दहिया के रोल में अपने जोश और एनर्जी से कहानी को मजबूती देते हैं। दिलजीत दोसांझ एयरफोर्स ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों और अहान शेट्टी नेवी लेफ्टिनेंट महेंद्र सिंह रावत के किरदार में प्रभाव छोड़ते हैं। सभी कलाकार अपने-अपने रोल में पूरी तरह फिट नजर आते हैं।
क्लाइमेक्स ने किया दर्शकों को इमोशनल
फिल्म का क्लाइमेक्स सबसे ज्यादा दिल को छूता है। जब भारत की जीत दिखाई जाती है और सनी देओल का किरदार भगवान से प्रार्थना करता नजर आता है, उसी दौरान पहली ‘बॉर्डर’ फिल्म के कलाकारों जैसे अक्षय खन्ना, सुनील शेट्टी, सुदेश बेरी और पुनीत इस्सर की एक झलक दिखाई जाती है।
यह सीन देखते ही दर्शकों की पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं और थिएटर में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। कई लोग इस पल पर खुद को रोने से रोक नहीं पाते हैं।
क्यों खास है ‘बॉर्डर 2’?
‘बॉर्डर 2’ देशभक्ति, बलिदान और इमोशन का ऐसा मेल है, जो सीधे दिल तक पहुंचता है। यह फिल्म याद दिलाती है कि हमारी आजादी के पीछे कितने सैनिकों का संघर्ष और त्याग छिपा है।‘बॉर्डर 2’ सिर्फ एक वॉर फिल्म नहीं, बल्कि एक इमोशनल अनुभव है, जो दर्शकों को गर्व के साथ-साथ भावुक भी कर देता है।



