Jharkhand: गजानन फेरो कंपनी में भीषण हादसा, चिमनी से गिरकर यूपी के दो मजदूरों की मौत

धालभूमगढ़: धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के नुतनगढ़ पंचायत अंतर्गत कांदरबेड़ा गांव के पास स्थित गजानन फेरो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन पावर प्लांट की चिमनी में ब्रिक लाइनिंग (ईंट बिछाने) के दौरान लगभग 40 से 45 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद से ही अन्य मजदूरों में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
लिफ्ट असंतुलित होने से हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के निवासी दो मजदूर— इश्तकार (25 वर्ष) और शादीक (22 वर्ष) चिमनी के ऊपरी हिस्से में लिफ्ट पर चढ़कर ईंटें लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तकनीकी खराबी आने से लिफ्ट एक तरफ झुक गई (टेढ़ी हो गई)। संतुलन बिगड़ने के कारण दोनों मजदूर सीधे 45 फीट की ऊंचाई से जमीन पर आ गिरे।
एमजीएम अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
ऊंचाई से गिरने के कारण दोनों मजदूरों को गंभीर आंतरिक चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। आनन-फानन में दोनों लहूलुहान मजदूरों को एंबुलेंस के जरिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल भेजा गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के आने का इंतजार, मजदूरों में रोष
इस दर्दनाक हादसे की जानकारी मृतकों के परिजनों को उत्तर प्रदेश में दे दी गई है। पुलिस ने शवों को सुरक्षित रखवा दिया है और परिजनों के जमशेदपुर पहुँचने के बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इधर, प्लांट में काम करने वाले अन्य मजदूरों ने सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। मजदूरों का आरोप है कि ऊंचाई पर काम करने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।
पुलिस जांच में जुटी
धालभूमगढ़ थाना पुलिस को घटना की आधिकारिक सूचना दे दी गई है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लिफ्ट में तकनीकी खराबी कैसे आई और क्या कंपनी प्रबंधन की ओर से सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी।



