Bihar: बिहार चुनाव में करारी हार के बाद भी तेजस्वी यादव को चुना गया विपक्ष का नेता, RJD विधायक दल की बैठक में फैसला

PATNA:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम आने के बाद जहाँ एनडीए में नई सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है, वहीं विपक्षी दलों ने भी अपना नेता तय कर दिया है। करारी चुनावी हार के बावजूद, विपक्ष ने एक बार फिर से तेजस्वी यादव पर भरोसा जताते हुए उन्हें अपना नेता चुना है।
विपक्षी विधायकों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी को चुना नेता
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, बिहार में विपक्षी विधायकों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना है। इसका अर्थ यह है कि नई सरकार के गठन के बाद सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका तेजस्वी यादव ही निभाएंगे।पटना में हुई राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक दल की बैठक में पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी स्पष्ट कहा कि तेजस्वी ही आगे विपक्ष का नेतृत्व करते रहेंगे।
पूर्व उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं तेजस्वी, अब फिर सदन में मजबूत भूमिका की तैयारी
तेजस्वी यादव न सिर्फ बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री रहे हैं, बल्कि राजद के प्रमुख चेहरे के तौर पर उन्हें राज्य की राजनीति में विपक्ष का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता है। पार्टी के भीतर और बाहर उनकी स्वीकार्यता को देखते हुए विपक्ष ने एकजुट होकर उन्हें फिर यह जिम्मेदारी सौंपी है।
राघोपुर से बड़ी जीत—14,000 से अधिक वोटों से हासिल किया जनादेश
राघोपुर विधानसभा सीट से एक बार फिर से विजयी होकर लौटे तेजस्वी यादव को इस चुनाव में कुल 1,18,597 वोट मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार सतीश कुमार को 14,532 वोटों से मात दी।दिलचस्प बात यह रही कि इस सीट पर तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल से प्रेम कुमार को मैदान में उतारा था। लेकिन प्रेम कुमार को महज़ 709 वोट मिल सके।
हार के बावजूद विपक्ष में मजबूत पकड़
हालांकि इस बार विधानसभा चुनाव में राजद और महागठबंधन को भारी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन विपक्षी दलों का यह निर्णय बताता है कि तेजस्वी यादव अभी भी विपक्ष के सबसे प्रभावशाली नेता बने हुए हैं।उनके ऊपर अब जिम्मेदारी है कि वे नई सरकार पर प्रभावी निगरानी रखें, जनता से जुड़े मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाएँ और विपक्ष की भूमिका को मजबूत बनाए रखें।



