Maharashtra INFACTNewsRegional

लाडकी बहिन योजना की e-KYC की लास्ट डेट थी 18 नवंबर, अब आया ये बड़ा अपडेट

Ladki Bahin Yojana eKYC: महाराष्ट्र की मंत्री अदिति सुनील तटकरे ने जानकारी देते हुए बताया है कि राज्य की लाडकी बहिन योजना की e-KYC के लिए डेडलाइन को बढ़ा दिया गया है.

महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना की e-KYC के लिए लास्ट डेट 18 नवंबर तय किया गया था. इस बीच मंगलवार को राज्य की मंत्री अदिति तटकरे ने जानकारी दी कि इसकी डेडलाइन को बढ़ा दिया गया है. उन्होंने कहा कि सीएम देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार के आदेश पर डेडलाइन 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है.

मंत्री अदिति सुनील तटकरे ने मीडिया से बातचीत में कहा, “लाडकी बहिन योजना के लिए हमने ई-केवाईसी की प्रक्रिया दो महीने पहले शुरू की थी. 18 नवंबर को उसकी आखिरी तारीख थी. हमने आज (18 नवंबर) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार की अनुमति और मार्गदर्शन से इस समय सीमा को बढ़ा दिया. इस डेडलाइन को एक्सटेंशन देकर समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई है ताकि कोई लाभार्थी जिसने ई-केवाईसी की प्रक्रिया नहीं की, उस लाभ से वंचित न हो. हमने उन्हें एक महीने से अधिक समय का एक्सटेंशन दिया है. मुझे विश्वास है कि इस इससे वंचित लाभार्थियों को राहत मिलेगी.”

लाभार्थी का बैंक खाता आधार नंबर से लिंक होना जरूरी
लाडकी बहिन योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी का बैंक खाता आधार नंबर से लिंक होना जरूरी है. अन्यथा वो इस योजना के तहत फायदा नहीं उठा सकते हैं. लाडकी बहिन योजना का ई-केवाईसी कराते वक्त सबसे पहले लाभार्थी महिला का आधार कार्ड नंबर सरकारी वेबसाइट पर दर्ज किया जाता है. उसके बाद उस मोबाइल नंबर पर OTP आता है जिससे महिला का आधार कार्ड लिंक है. कई पात्र लाभार्थियों को ओटीपी की वजह से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी. अब समय सीमा बढ़ाने से लाभार्थियों को राहत मिलेगी.

लाडकी बहिन योजना के तहत कितनी मिलती है मदद?
महाराष्ट्र सरकार हर महीने लाडकी बहिन योजना के तहत लाभार्थियों को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 साल से 65 साल के बीच होनी चाहिए. इस योजना को महाराष्ट्र चुनाव से पहले लॉन्च किया गया था. राज्य विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन को मिली बड़ी जीत के पीछे मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना को बड़ा कारण माना गया था.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button