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Jharkhand: क्रिकेट के मैदान से शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदला, बराकर में पत्थरबाजी और फायरिंग

बराकर (धनबाद-बंगाल बॉर्डर): झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित बराकर इलाके में सोमवार को बच्चों के बीच क्रिकेट खेलने के दौरान शुरू हुआ एक मामूली विवाद देखते ही देखते सांप्रदायिक और हिंसक रूप ले लिया। असामाजिक तत्वों के हस्तक्षेप के कारण खेल का मैदान जंग का अखाड़ा बन गया, जहाँ जमकर पत्थरबाजी और फायरिंग हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

मामूली विवाद और थाने में समझौता

घटना की शुरुआत एक स्थानीय मैदान पर क्रिकेट मैच के दौरान हुई। बच्चों के बीच खेल-खेल में कहासुनी और मामूली झड़प हुई, जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा। पुलिस के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों के बीच थाने में शांति से बात सुलझ गई थी और समझौता भी हो गया था।

असामाजिक तत्वों ने दिया ‘राजनीतिक रंग’

विवाद सुलझने के बाद जैसे ही लोग बाहर निकले, इलाके के कुछ असामाजिक तत्वों ने खेल की इस लड़ाई को प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया और इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। देखते ही देखते दोनों गुटों के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। शांति का माहौल अचानक तनाव में बदल गया और दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई।

गोलीबारी और हिंसा: पुलिसकर्मी भी जख्मी

भीड़ इतनी बेकाबू हो गई कि असामाजिक तत्वों द्वारा कथित तौर पर हवाई फायरिंग भी की गई।पत्थरबाजी में कई ग्रामीणों के सिर फट गए और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।स्थिति को संभालने पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई की गई, जिसमें कुछ जवान चोटिल हुए हैं।बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा।

बॉर्डर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

तनाव को देखते हुए बराकर और आसपास के क्षेत्रों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। झारखंड और बंगाल दोनों ओर से अतिरिक्त पुलिस बल को बॉर्डर पर तैनात किया गया है। वर्तमान में पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और तनाव चरम पर है। पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

प्रशासन की अपील

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिन्होंने बच्चों की लड़ाई को दंगे की शक्ल देने की कोशिश की है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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