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Jharkhand: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए झारखंड से रंजीता गांधी का चयन, शिक्षा में नवाचारों का मिला सम्मान

जमशेदपुर: मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बीपीएम बर्मामाइंस की प्रधानाध्यापिका रंजीता गांधी का नाम राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए झारखंड राज्य से अनुशंसित किया गया है। राज्य स्तरीय चयन समिति की ओर से मिली यह अनुशंसा उनकी दो दशक से अधिक की शिक्षण सेवा, विद्यालय में किए गए शैक्षणिक नवाचारों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान को देखते हुए की गई है।

शिक्षा और नेतृत्व विकास में समृद्ध अनुभव

रंजीता गांधी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झींकपानी डीएवी पब्लिक स्कूल से प्राप्त की तथा रेवेंसा कॉलेज, कटक से उच्च शिक्षा हासिल की। वह भारतीय प्रबंधन संस्थान रांची, कोलकाता और अहमदाबाद के एजुकेशन इन लीडरशिप कार्यक्रम की पूर्व छात्रा हैं, जहां उन्होंने नेतृत्व विकास का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।इसके अलावा उन्होंने एनआईबीएम, चेन्नई से एक वर्षीय एग्जीक्यूटिव एमबीए भी किया है।

निजी विद्यालयों से सरकारी स्कूल तक का प्रेरणादायक सफर

वर्ष 2001 से 2012 तक रंजीता गांधी ने जमशेदपुर के कई प्रतिष्ठित सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों में अध्यापन किया। उन्होंने जमशेदपुर पब्लिक स्कूल, केरला समाजम मॉडल स्कूल, लोयोला स्कूल और बेल्डीह चर्च स्कूल जैसे संस्थानों में शिक्षण कार्य किया।वर्ष 2012 में उनकी पहली सरकारी नियुक्ति बीपीएम बर्मामाइंस हाई स्कूल में अर्थशास्त्र की शिक्षिका के रूप में हुई। इसके बाद वर्ष 2021 में विद्यालय के मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बनने पर उन्हें प्रधानाध्यापिका का दायित्व सौंपा गया।

विद्यालय को दिलाई सीबीएसई संबद्धता, पहली बार में मिला गोल्ड ग्रेड

प्रधानाध्यापिका बनने के बाद रंजीता गांधी के नेतृत्व में विद्यालय का व्यापक कायाकल्प हुआ। उनके प्रयासों से विद्यालय को जैक बोर्ड से सीबीएसई संबद्धता प्राप्त हुई।यही नहीं, गुणवत्ता मूल्यांकन में विद्यालय ने पहली ही कोशिश में गोल्ड ग्रेड हासिल कर राज्यभर में अपनी अलग पहचान बनाई।

प्रॉब्लम बेस्ड लर्निंग और ऑनलाइन डाउट क्लास की शुरुआत

रंजीता गांधी ने विद्यालय में प्रॉब्लम बेस्ड लर्निंग मॉडल लागू किया। नियमित कक्षाओं के अलावा सप्ताह में तीन से चार ऑनलाइन डाउट सेशन आयोजित किए जाते हैं, जहां ज़ूम प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया जाता है।कोरोना काल में शुरू की गई यह पहल आज भी प्रभावी रूप से जारी है। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बावजूद उनके विषय अर्थशास्त्र में विद्यालय का परीक्षा परिणाम लगातार 100 प्रतिशत रहा है।

पढ़ाई के साथ खेल, संगीत और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन

रंजीता गांधी के मार्गदर्शन में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।वर्ष 2025 में एक छात्र का चयन बीआईटी सिंदरी में हुआ।वर्ष 2026 में एक विद्यार्थी की एनआईटी में काउंसलिंग जारी है।छात्र अयंक राज ने अपनी पुस्तक लिखकर अमेज़न पर प्रकाशित की।कई विद्यार्थियों ने एमबीए प्रवेश परीक्षा और कंपनी सेक्रेटरी परीक्षा में सफलता प्राप्त की।राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी और योग प्रतियोगिताओं में विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया।खेलो झारखंड में विद्यालय को शतरंज में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान मिला।एक छात्र वर्तमान में संगीत में स्नातक की पढ़ाई कर रहा है।

‘विद्यालय केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं होना चाहिए’

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए अनुशंसित होने पर रंजीता गांधी ने कहा,”विद्यालय केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और प्रतिभा के समग्र विकास का केंद्र बनना चाहिए। हमने इसी सोच के साथ काम किया और सभी के सहयोग से यह सफलता संभव हो सकी।”

— रंजीता गांधी, प्रधानाध्यापिका, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, बीपीएम बर्मामाइंस

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