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Jharkhand: अफताब आलम हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; दो आरोपी गिरफ्तार, एसआईटी की छापेमारी जारी

जमशेदपुर: बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कंटेनर यार्ड के पास हुए चर्चित गोलीकांड में जमशेदपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल अफताब आलम की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद गठित विशेष जांच दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

एसआईटी का गठन कर शुरू की गई विशेष जांच

सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि 2 अगस्त की रात अफताब आलम पर जानलेवा फायरिंग की गई थी। गंभीर रूप से घायल अफताब को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) के निर्देशन में तथा पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) एवं पुलिस उपाधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया।

दो आरोपी गिरफ्तार, रेकी में इस्तेमाल स्कूटी बरामद

तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 3 अगस्त को कैरेज कॉलोनी स्थित मुस्लिम बस्ती के एक घर में छापेमारी की। इस दौरान मामले के मुख्य आरोपी मो. समद और कुलसुम बीबी को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ के दौरान दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना से पहले रेकी करने में इस्तेमाल की गई बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की नीले-काले रंग की स्कूटी भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार इसी स्कूटी का उपयोग वारदात की योजना बनाने और रेकी के लिए किया गया था।

अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी

पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी मो. समद का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ बर्मामाइंस थाना में हत्या के प्रयास, मारपीट और तोड़फोड़ सहित कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा वर्ष 2026 में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।

हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस

पुलिस का कहना है कि हत्या की साजिश, फायरिंग के पीछे की वजह और अन्य आरोपियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। एसआईटी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है।

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