Jharkhand: चौका में आंधी के साथ उड़ी कोयला और आयरन प्लांटों की धूल, लोगों का जीना हुआ मुश्किल

चौका: शनिवार शाम अचानक चली तेज धूलभरी आंधी ने चौका थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी के साथ कोयला और आयरन प्लांटों से निकलने वाली धूल (डस्ट) पूरे क्षेत्र में फैल गई, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
घर और दुकानों तक पहुंच रही प्लांटों की डस्ट
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर बार तेज हवा चलने पर आसपास के कोयला और आयरन प्लांटों की डस्ट उड़कर रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाती है। लोगों ने बताया कि दुकान के शटर बंद रहने के बावजूद अंदर तक धूल भर जाती है। घरों में साफ-सफाई बनाए रखना मुश्किल हो गया है, जबकि खुले में कपड़े सुखाना भी चुनौती बन गया है।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि लगातार धूल के संपर्क में रहने से बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
खेती-किसानी पर भी पड़ रहा असर
स्थानीय किसानों ने बताया कि प्लांटों से उड़ने वाली डस्ट की परत फसलों की पत्तियों पर जम जाती है, जिससे पौधों की वृद्धि और पैदावार प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से सब्जियों और धान की फसलों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
धूल नियंत्रण में लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित प्लांट प्रबंधन धूल नियंत्रण के लिए पर्याप्त और प्रभावी उपाय नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी भी अपेक्षित स्तर पर प्रभावी नहीं दिख रही है।
जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की है कि क्षेत्र के सभी कोयला और आयरन प्लांटों में वाटर स्प्रिंकलर, ग्रीन बेल्ट और आधुनिक डस्ट सप्रेशन सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण कर पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आंधी और तेज हवा के दौरान लोगों को धूल और प्रदूषण की समस्या से राहत मिल सके।



