
वाराणसी :ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को माफिया अतीक अहमद की तरह सरेआम हत्या करने की धमकी मिली है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के तीन दिन बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शंकराचार्य के प्रतिनिधि परमात्मानंद ब्रह्मचारी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
गौ-रक्षा आंदोलन और ‘गविष्ठी यात्रा’ पर निशाना
धमकी के पीछे की मुख्य वजह शंकराचार्य द्वारा चलाया जा रहा ‘गौ माता-राष्ट्रमाता’ अभियान माना जा रहा है। आगामी 03 मई से उत्तर प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में शंकराचार्य की ‘गविष्ठी यात्रा’ प्रस्तावित है। इस यात्रा के माध्यम से वे गौ-रक्षा और ‘रामा गौ धाम’ के निर्माण के लिए जन-जागरण करने वाले हैं। तहरीर के अनुसार, 1 अप्रैल को ज्योतिर्मठ के आधिकारिक नंबर पर लगातार टेक्स्ट मैसेज भेजे गए। नंबर ब्लॉक करने के बाद 6 अप्रैल को वॉइस मेल के जरिए ऑडियो संदेश भेजकर जान से मारने की धमकी दी गई।
आशुतोष ब्रह्मचारी को भी मिली पाकिस्तान से धमकी
इस मामले का एक और गंभीर पहलू सामने आया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (मथुरा) के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। पुलिस जांच में वह मोबाइल नंबर पाकिस्तान का पाया गया है, जिससे आशुतोष और उनके अधिवक्ता को धमकी दी गई थी। यह मामला अब एक अंतरराष्ट्रीय साजिश की ओर इशारा कर रहा है। यह विवाद तब गहराया जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की। 25 मार्च को पैरवी तेज होते ही धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया।
पुलिस सुरक्षा और जांच पर सवाल
धमकी की गंभीरता को देखते हुए सनातन धर्म समर्थकों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों और धमकी देने वालों की तलाश के लिए सर्विलांस और साइबर सेल की मदद ली है। प्रतिनिधि मंडल ने मांग की है कि शंकराचार्य की सुरक्षा बढ़ाई जाए और इस अंतरराष्ट्रीय साजिश के पीछे के चेहरों को बेनकाब किया जाए।वाराणसी पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं, विशेषकर पाकिस्तान से आए कॉल और शंकराचार्य के आधिकारिक नंबर पर आए संदेशों के बीच के लिंक को खंगाला जा रहा है।



