Bengal: मुर्शिदाबाद रैली में असदुद्दीन ओवैसी का टीएमसी पर हमला, बोले – मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक बनाया गया

कोलकाता। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में मुसलमानों का इस्तेमाल केवल वोट बैंक के रूप में किया गया, जबकि उनके विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।मुर्शिदाबाद जिले के नाओडा में हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली एजेयूपी के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
मुसलमानों का इस्तेमाल सिर्फ वोट बैंक की तरह किया गया
ओवैसी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य दलों ने मुसलमानों का इस्तेमाल केवल वोट बैंक के तौर पर किया है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 50 वर्षों में मुस्लिम समुदाय ने कांग्रेस, वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन इसके बावजूद उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन की बताई वजह
ओवैसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुसलमानों को राजनीतिक निर्णय लेने में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने और उनके वास्तविक विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्होंने हुमायूं कबीर के साथ हाथ मिलाया है। उन्होंने कहा कि उनका गठबंधन मिलकर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को करारा झटका देगा।रैली में ओवैसी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि मुस्लिम समुदाय ऐसे नेताओं को चुने जो उनके आर्थिक विकास और अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठा सकें।
राज्य की नौकरियों में मुसलमानों की भागीदारी बेहद कम
ओवैसी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है, लेकिन राज्य सरकार की नौकरियों में उनकी भागीदारी केवल करीब 7 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति समुदाय के साथ हो रहे भेदभाव और उपेक्षा को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि मुसलमानों के शोषण को रोका जाए और ऐसे प्रतिनिधियों को चुना जाए जो भारत की धर्मनिरपेक्ष और समावेशी भावना का पालन करते हुए समुदाय के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए काम करें।
टीएमसी के आरोपों को किया खारिज
ओवैसी ने तृणमूल कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि एआईएमआईएम और एजेयूपी चुनाव मैदान में उतरकर टीएमसी के वोट शेयर को कम करना चाहते हैं और इससे भाजपा को फायदा होगा।उन्होंने कहा कि उनके लिए भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों समान हैं। उनका गठबंधन चाहता है कि मुसलमानों को अपनी आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए लड़ने का मौका मिले।
दो चरणों में होंगे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को आयोजित किए जाएंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।



