
सागर: वैलेंटाइन डे को लेकर मध्य प्रदेश के सागर शहर में माहौल पूरी तरह गरमा गया है। शिवसैनिकों ने पाश्चात्य संस्कृति के इस त्योहार का विरोध करने के लिए ‘दमखम’ के साथ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को सिविल लाइन स्थित पहलवान बाबा मंदिर में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक हथियारों (लट्ठों) का पूजन कर अपनी रणनीति साफ कर दी।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ ‘लट्ठ पूजन’
शिवसेना के कार्यकर्ता सिविल लाइन स्थित पहलवान बाबा मंदिर पहुंचे, जहां पंडित-पुरोहितों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच लट्ठों का पूजन किया गया।लट्ठों पर चमेली और सरसों का तेल चढ़ाया गया।शिवसैनिकों का कहना है कि यह लट्ठ उन लोगों के लिए हैं जो प्रेम की आड़ में सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता फैलाते हैं।
बाबू-सोना को ‘शादी’ की चेतावनी
शिवसेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि वैलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है। उन्होंने एक विवादित नारा देते हुए कहा— ‘जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना’। पप्पू तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि 14 फरवरी को कोई भी कपल सार्वजनिक स्थलों पर अशोभनीय आचरण करते पाया गया, तो शिवसैनिक मौके पर ही उनकी शादी करवा देंगे। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को हिदायत दी गई है कि वे किसी भी प्रकार के फूहड़ या अश्लील कार्यक्रम का आयोजन न करें।
पोस्टर वॉर और नारेबाजी
लट्ठ पूजन के बाद शिवसैनिकों ने शहर के पार्कों, होटलों और धार्मिक स्थलों के आसपास विरोध प्रदर्शन किया और पोस्टर चस्पा किए। शिवसेना जिला प्रभारी विकास सिंह ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी विरोध जारी रहेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि विरोध के दौरान कोई अप्रिय स्थिति बनती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कार्यक्रम आयोजकों की होगी।
प्रशासन की चुप्पी और बढ़ता तनाव
शहर में शिवसेना की इस सक्रियता और चेतावनियों के बीच फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाए जाने की संभावना है। वैलेंटाइन डे को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनती नजर आ रही है।



