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Bihar: ई-गवर्नेंस में बिहार की बड़ी छलांग, सामान्य प्रशासन विभाग ने रच दिया नया रिकॉर्ड

पटना: बिहार में प्रशासनिक सुधार और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में नीतीश सरकार ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने प्रेस सम्मेलन में बताया कि विभाग और बिपार्ड को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक ISO 9001:2015 का प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह सर्टिफिकेट विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और उच्च स्तर के मानकीकरण का प्रमाण है।

RTPS: घर बैठे मिल रही हैं 153 सेवाएँ

डॉ. बी. राजेन्दर ने जानकारी दी कि बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 के तहत अब तक 14 विभागों की 153 सेवाएँ नागरिकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन सुलभ कराई जा रही हैं।जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन। अब तक 51.13 करोड़ से अधिक आवेदनों का सफल निष्पादन किया जा चुका है। जुलाई 2025 से पंचायत सरकार भवनों में 64 से अधिक सेवाएँ शुरू की गई हैं, जिससे ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

लोक शिकायत निवारण: 18 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान

बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत सरकार ने जनता की समस्याओं को सुनने के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित किया है।अब तक 18.57 लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है।सरकारी सेवकों की शिकायतों के लिए बनी विशेष प्रणाली के जरिए भी 14,569 मामलों का समाधान हुआ है।

रोजगार और मानव संसाधन विकास

बिहार सरकार ने पिछले वर्षों में रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि 1 अप्रैल 2020 से 6 फरवरी 2026 तक राज्य में लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के जरिए सभी सरकारी कर्मियों के सेवा अभिलेखों का डिजिटलीकरण कर दिया गया है। आईआईएम बोधगया के साथ एमओयू कर 121 विषय विशेषज्ञों का चयन किया जाएगा, जो सरकार के विभिन्न विभागों में सुशासन को मजबूत करने में मदद करेंगे।

पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन संपत्ति विवरण

प्रशासनिक सुधारों की कड़ी में अब सरकारी अधिकारियों और कर्मियों के लिए अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। हेल्पलाइन सेवाओं के विस्तार और ई-गवर्नेंस की पहलों से सरकार की जवाबदेही और अधिक मजबूत हुई है।

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