Maharashtra: रितु तावड़े होंगी BMC की अगली मेयर! 40 साल बाद भाजपा को मिलेगी कमान, महायुति ने किया नाम का ऐलान

मुंबई: देश की सबसे धनी नगर निकाय, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में तीन दशकों से चला आ रहा एकछत्र राज अब खत्म होने जा रहा है। शनिवार को महायुति गठबंधन ने भाजपा की वरिष्ठ पार्षद रितु तावड़े को महापौर (मेयर) पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय शंकर घाडी उप-महापौर पद के प्रत्याशी होंगे। आंकड़ों के गणित को देखें तो रितु तावड़े का मुंबई की अगली प्रथम नागरिक बनना लगभग तय है।
11 फरवरी को होगा चुनाव, महायुति के पास स्पष्ट बहुमत
बीएमसी के 227 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 114 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। महायुति गठबंधन की स्थिति बेहद मजबूत है जिसमे भाजपा: 89 पार्षद,शिवसेना (शिंदे गुट): 29 पार्षद।
कुल समर्थन: 118 (बहुमत के आंकड़े से 4 अधिक)
इसके विपरीत, विपक्ष (ठाकरे गुट, कांग्रेस व अन्य) के पास फिलहाल वह संख्या बल नहीं है जो महायुति के इस विजय रथ को रोक सके। महापौर और उप-महापौर पद के लिए मतदान 11 फरवरी को बीएमसी मुख्यालय में होगा।
कौन हैं रितु तावड़े? अनुभवी और जमीनी चेहरा
रितु तावड़े मुंबई भाजपा का एक ऐसा चेहरा हैं जिन्हें नागरिक प्रशासन की गहरी समझ है।वे तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं (2012, 2017 और अब 2026)। वे बीएमसी की महत्वपूर्ण ‘शिक्षा समिति’ की अध्यक्ष रह चुकी हैं।उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और 2012 में भाजपा का दामन थामा था। यदि रितु निर्वाचित होती हैं, तो 40 वर्षों के बाद मुंबई को भाजपा का मेयर मिलेगा। इससे पहले 1982-83 में प्रभाकर पाई भाजपा के मेयर रहे थे।
ठाकरे परिवार के दबदबे का अंत
बीएमसी पर पिछले तीन दशकों से शिवसेना और ठाकरे परिवार का दबदबा रहा है। लेकिन इस बार भाजपा और शिंदे सेना के गठबंधन ने उस किले को भेद दिया है। घाटकोपर के वार्ड संख्या 132 से जीतकर आईं रितु तावड़े को स्थानीय निवासियों के बीच बेहतर संवाद और सक्रियता के लिए जाना जाता है।
₹74,450 करोड़ के बजट वाली बीएमसी की चुनौतियां
मुंबई की मेयर बनना केवल एक पद नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। बीएमसी का वार्षिक बजट लगभग 74,450 करोड़ रुपये है, जो कई छोटे राज्यों के बजट से भी अधिक है। रितु तावड़े के सामने ये मुख्य चुनौतियां होंगी।मुंबई की सड़कों, ड्रेनेज और ट्रैफिक की समस्या का समाधान। बीएमसी पर लंबे समय से लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को साफ करना।मुंबई को वैश्विक स्तर की आधुनिक ‘गीगा सिटी’ के रूप में विकसित करना।



