Jharkhand: गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजी रांची, टीएसपीसी ने फायरिंग कर कारोबारियों को दी खुली धमकी

रांची: राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में उग्रवादी संगठन और अपराधी बेखौफ नजर आ रहे हैं। ताजा मामला रांची के खलारी थाना क्षेत्र का है, जहां शुक्रवार सुबह प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) ने डकरा कांटा घर में हवाई फायरिंग कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस घटना के बाद से कोयलांचल क्षेत्र के कारोबारियों और कर्मचारियों में भारी डर का माहौल है।
बाइक सवार अपराधियों ने फैलाई दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह जब कांटा घर पर कामकाज चल रहा था, तभी बाइक पर सवार होकर दो अपराधी वहां पहुंचे। बिना कुछ कहे उन्होंने अचानक हथियार निकाल लिए और हवा में कई राउंड गोलियां दागनी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग से वहां मौजूद कर्मचारियों में भगदड़ मच गई।फायरिंग के बाद उग्रवादियों ने मौके पर एक धमकी भरा पर्चा फेंका और तेजी से फरार हो गए।
पर्चे में ‘सुदर्शन जी’ की चेतावनी: “बिना अनुमति काम बंद करो”
घटनास्थल से मिले टीएसपीसी के पर्चे में संगठन के कथित कमांडर ‘सुदर्शन जी’ का नाम लिखा है। इस पर्चे के जरिए कोयला और ईंट कारोबारियों को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है।”संगठन की अनुमति के बिना इलाके में कोई भी काम नहीं चलेगा। जो भी इस आदेश का उल्लंघन करेगा, उसके जान-माल की जिम्मेदारी खुद की होगी।” — TSPC उग्रवादी संगठन
पुलिस की कार्रवाई और सीसीटीवी सुराग
घटना की सूचना मिलते ही खलारी थाना प्रभारी जयदीप टोप्पो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
3 दिन में दूसरी बड़ी वारदात: राजधानी में बढ़ा ‘गैंगस्टर कल्चर’
रांची में तीन दिनों के भीतर फायरिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसने पुलिसिया सुरक्षा दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।बीआईटी ओपी क्षेत्र में राहुल सिंह गैंग ने एक कार शोरूम संचालक को निशाना बनाया था और रंगदारी के लिए फायरिंग की थी।शुक्रवार की घटना में खलारी में टीएसपीसी उग्रवादियों द्वारा लेवी (रंगदारी) के लिए दहशत फैलाई गई।दोनों ही मामलों में कारोबारी निशाने पर हैं, जिससे रांची के व्यापारिक संगठनों में गहरा रोष और असुरक्षा का भाव है।



