Bihar: जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराने पर भी नहीं रुकेगी सामाजिक सुरक्षा पेंशन

पटना। अगर आप बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थी हैं, तो नीतीश सरकार ने आपको बड़ी राहत दी है। जीवन प्रमाणीकरण नहीं हो पाने की स्थिति में अब किसी भी लाभार्थी की पेंशन बंद नहीं की जाएगी। यह जानकारी बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बुधवार को दी।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी तकनीकी त्रुटि या अन्य कारणों से यदि लाभार्थी जीवन प्रमाणीकरण नहीं करा पाए हैं, तो भी उनकी पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित न रहे।
घर-घर जाकर होगा जीवन प्रमाणीकरण
समाज कल्याण मंत्री ने बताया कि जो लाभार्थी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर जीवन प्रमाणीकरण नहीं करा पाएंगे, उनके घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर विशेष टीमें गठित की जाएंगी।उन्होंने कहा कि “सरकार की मंशा है कि किसी बुजुर्ग, दिव्यांग या विधवा महिला को केवल प्रमाणीकरण में देरी के कारण पेंशन से वंचित न होना पड़े।इसके साथ ही पंचायत और प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण समय पर पूरा किया जा सके।
पेंशनधारकों की संख्या में हुआ इजाफा
मंत्री मदन सहनी ने बताया कि पिछले साल जून महीने में पेंशन राशि बढ़ाए जाने के बाद बिहार में करीब 6 लाख नए पेंशनधारक जुड़े हैं। इससे राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का दायरा और मजबूत हुआ है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और पेंशन जैसी योजनाएं उसी दिशा में एक मजबूत कदम हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
यह जानकारी पटना स्थित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयशी सहित विभाग के अधीन सभी निदेशालयों के निदेशक भी उपस्थित रहे।
क्या है जीवन प्रमाणीकरण का नियम
दरअसल, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को हर साल यह प्रमाणित करना होता है कि वे जीवित हैं।नियम के अनुसार यदि कोई लाभार्थी जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराता है, तो उसकी पेंशन रोकी जा सकती है।मौजूदा लाभार्थियों के लिए 31 जनवरी तक जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है।हालांकि अंतिम तिथि नजदीक आने के बावजूद बड़ी संख्या में लाभार्थी प्रमाणीकरण नहीं करा पाए थे, जिससे पेंशन रुकने की आशंका जताई जा रही थी। अब सरकार के इस फैसले से सभी आशंकाएं दूर हो गई हैं।
कैसे कराएं जीवन प्रमाणीकरण
लाभार्थी निम्न प्रक्रिया अपनाकर जीवन प्रमाणीकरण करा सकते हैं जैसे कि अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं,आधार कार्ड, बैंक पासबुक सहित आवश्यक दस्तावेज साथ रखें,बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए सत्यापन कराएं।जो लाभार्थी ऐसा नहीं कर पाएंगे, उनके लिए प्रशासन घर जाकर सत्यापन करेगा।
कितनी मिलती है पेंशन
बिहार में बुजुर्ग,दिव्यांग और विधवा महिलाएं इन सभी को हर महीने 1100 रुपये पेंशन दी जाती है, जो डीबीटी के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।गौरतलब है कि पिछले साल चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने पेंशन राशि में ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी की थी।



