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Uttar pradesh: योगी सरकार ने नोएडा के जिला आबकारी अधिकारी को किया सस्पेंड,अब नई आबकारी नीति 2026-27 के जरिए यूपी बनेगा ‘डिस्टिलरी हब’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार और लापरवाही पर एक बार फिर बड़ा प्रहार किया है। एक ओर जहाँ नोएडा के जिला आबकारी अधिकारी पर गाज गिरी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश को औद्योगिक निवेश का केंद्र बनाने के लिए नई आबकारी नीति 2026-27 का खाका तैयार किया जा रहा है।

नोएडा आबकारी अधिकारी सस्पेंड, ओवररेटिंग पर बड़ी कार्रवाई

नोएडा में शराब की दुकानों पर हो रही ओवररेटिंग (निर्धारित दर से अधिक वसूली) की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

जांच में खुली पोल

मेरठ प्रभार के तत्कालीन उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह द्वारा की गई विस्तृत जांच में प्रशासनिक लापरवाही की पुष्टि हुई।
23 दिसंबर 2024: जांच के दौरान 9 दुकानों पर ओवररेटिंग पाई गई।
20 जनवरी 2025: निरीक्षण में 16 और दुकानों पर अवैध वसूली की पुष्टि हुई।

मंत्री का सख्त संदेश

मंत्री नितिन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार में आमजन के हितों से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “भविष्य में भी ऐसी शिकायतों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई होगी ताकि प्रदेश में पारदर्शी व्यवस्था बनी रहे।”

नई आबकारी नीति 2026-27: निवेश और निर्यात पर फोकस

यूपी सरकार अब राजस्व बढ़ाने और औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए नई आबकारी नीति 2026-27 पर मंथन कर रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को डिस्टिलरी उद्योग के अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में विकसित करना है।

नीति के मुख्य आकर्षण और लाभ

नई नीति के तहत प्रदेश में डिस्टिलरी इकाइयों की स्थापना को सरल बनाया जाएगा। लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और शुल्क संरचना को तर्कसंगत बनाने पर विचार चल रहा है।प्रदेश में उत्पादित स्पिरिट और अल्कोहल के निर्यात को सुगम बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स में सुधार और अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। डिस्टिलरी उद्योग के विस्तार से गन्ना, अनाज और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आय में वृद्धि होगी। नए प्लांट्स लगने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

सिंगल विंडो सिस्टम से बढ़ेगा भरोसा

निवेश मित्र और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेशकों को लुभाने की तैयारी है। विभाग का मानना है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत नियमों में ढील देने से न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि विदेशी मुद्रा अर्जन में भी उत्तर प्रदेश अग्रणी बनेगा।

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