Jharkhand: बिष्टुपुर में थार की टक्कर से युवक की मौत, टीएमएच में परिजनों का भारी हंगामा

जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। छप्पन भोग रेस्टोरेंट के समीप एक तेज रफ्तार थार गाड़ी ने बाइक सवार युवक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से टाटा मेन हॉस्पिटल में परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा है और माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।
इकलौते बेटे की मौत, बुढ़ापे की लाठी टूटी
मृतक की पहचान बिष्टुपुर निवासी राजकुमार सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, राजकुमार अपने परिवार का इकलौता बेटा था। घर में उसकी बुजुर्ग मां है, जिनकी पूरी जिम्मेदारी राजकुमार के ही कंधों पर थी। इस हादसे ने न केवल एक जान ली है, बल्कि एक पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है।
टीएमएच में प्रदर्शन: “रईसजादों को बचा रही है पुलिस”
सुबह जब परिजनों को हादसे की सूचना मिली और वे अस्पताल पहुंचे, तो वहां राजकुमार का शव देख उनका सब्र टूट गया। परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही धरना दे दिया। परिवार का कहना है कि पुलिस ने उन्हें घटना की जानकारी देने में काफी समय लगाया।परिजनों का आरोप है कि यदि यह मामला किसी रईस या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा नहीं होता, तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती। पुलिस अब तक वाहन की स्पष्ट पहचान करने में भी विफल रही है।परिवार ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उचित मुआवजे की घोषणा नहीं होती और दोषी चालक सलाखों के पीछे नहीं जाता, वे शव को अस्पताल से नहीं उठाएंगे।
भारी पुलिस बल तैनात, तनावपूर्ण स्थिति
हंगामे की सूचना मिलते ही टाटा मेन हॉस्पिटल में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस के आला अधिकारी परिजनों को समझाने और शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
पुलिस का बयान
बिष्टुपुर पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। थार गाड़ी और उसके चालक की पहचान के लिए तकनीकी टीम काम कर रही है। पुलिस ने जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
शहर में बढ़ती रफ़्तार पर सवाल
छप्पन भोग जैसे व्यस्त इलाके में देर रात वाहनों की ऐसी रफ़्तार शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस गश्त पर बड़े सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर नाराजगी है कि रात के समय शहर की मुख्य सड़कें ‘रेसिंग ट्रैक’ में तब्दील हो जाती हैं।



