Jharkhand: जमशेदपुर में कार के अंदर क्रूरता से ठूंसे गए थे 5 गौवंश, फर्जी नंबर प्लेट के साथ चालक गिरफ्तार

जमशेदपुर : मानगो थाना क्षेत्र अंतर्गत आज़ादनगर रोड नंबर-2 के पास बुधवार को पुलिस ने एक दुस्साहसिक गौ-तस्करी का भंडाफोड़ किया है। तस्करों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक छोटी कार के भीतर पांच गौवंशों को हाथ-पांव बांधकर ठूंस रखा था। पुलिस की तत्परता से इन पशुओं को सुरक्षित बचा लिया गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की ‘सर्जिकल’ कार्रवाई
मानगो थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की कार के जरिए कुछ पशुओं को अवैध रूप से तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी शुरू की।आज़ादनगर रोड नंबर-2 के पास पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया।जैसे ही संदिग्ध कार वहां पहुँची, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों ओर से घेर लिया।
कार के भीतर का मंजर देख दंग रह गई पुलिस
जब पुलिस ने कार का दरवाजा खोला, तो अंदर का दृश्य बेहद विचलित करने वाला था। तस्करों ने कार की पिछली सीटें हटाकर पांच गौवंशों को बेहद अमानवीय तरीके से बांधकर एक के ऊपर एक लाद रखा था। हवा की कमी और तंग जगह के कारण पशुओं की हालत गंभीर बनी हुई थी। पुलिस ने तुरंत उन्हें बंधन मुक्त कर सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की।
कार पर बाइक का नंबर प्लेट
मामले की जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिस कार से तस्करी की जा रही थी, उस पर लगा रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी पाया गया। आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए कार पर एक दोपहिया वाहन (बाइक) का नंबर प्लेट लगा रखा था।पुलिस ने फर्जी नंबर वाली कार को जब्त कर लिया है और वाहन के असली इंजन व चेसिस नंबर के जरिए मालिक का पता लगाया जा रहा है।
चालक हिरासत में, मुख्य सरगना की तलाश
पुलिस ने कार चला रहे युवक को मौके से ही हिरासत में ले लिया है। उससे गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पशुओं को कहाँ से लाया गया था और कहाँ ले जाने की योजना थी। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है।थाना प्रभारी ने कहा कि पशु क्रूरता अधिनियम और गौ-तस्करी की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग यह दर्शाता है कि यह एक पेशेवर गिरोह का काम है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।



