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Jharkhand: झारखंड दौरे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बासुकीनाथ धाम में टेका माथा, बोले- ‘जमीनी स्तर पर चुनावी ढांचे को मजबूत करना है लक्ष्य’

देवघर: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों झारखंड के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। इस दौरान वे न केवल राज्य में आगामी चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं, बल्कि आध्यात्मिक शरण में भी नजर आए। सोमवार की सुबह उन्होंने सपरिवार दुमका स्थित प्रसिद्ध बासुकीनाथ धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

बाबा फौजदारी नाथ के दरबार में हाजिरी

सोमवार को बाबा फौजदारी नाथ (बासुकीनाथ) के दरबार में मत्था टेकने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा आज बाबा से पूरे देश की सुख, समृद्धि और निरंतर तरक्की की कामना की है। यहाँ आकर मन को असीम शांति मिली।धार्मिक परंपराओं के अनुसार, देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा के बाद बासुकीनाथ धाम में हाजिरी लगाना अनिवार्य माना जाता है, जिसे मुख्य चुनाव आयुक्त ने सपरिवार पूर्ण किया।

चुनावी मिशन:बीएलओ के साथ करेंगे सीधा संवाद

आध्यात्मिक दर्शन के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह ‘चुनावी मोड’ में भी नजर आए। उन्होंने अपने दौरे के मुख्य एजेंडे को स्पष्ट करते हुए बताया कि झारखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की तैयारियों को लेकर वे गंभीर हैं।मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बूथ लेवल ऑफिसर होते हैं। वे बीएलओ के साथ सीधा संवाद करेंगे ताकि मतदाता सूची में सुधार और बूथों के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि आने वाले चुनावों में हर मतदाता को सुगमता और पारदर्शिता के साथ मतदान का अवसर मिले।

देवघर में भव्य स्वागत और एम्स का निरीक्षण

इससे पूर्व, रविवार को देवघर पहुँचने पर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा और पुलिस अधीक्षक ने मुख्य चुनाव आयुक्त का भव्य स्वागत किया। देवघर प्रवास के दौरान उन्होंनेबाबा बैद्यनाथ मंदिर में दर्शन और विशेष पूजा की,नौलखा मंदिर की वास्तुकला और धार्मिक महत्व का अवलोकन किया साथ ही एम्स देवघर का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं और मतदाता पंजीकरण से जुड़ी संभावित सुविधाओं पर विशेष जोर दिया।

प्रशासनिक सतर्कता

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस दौरे को लेकर पूरे संताल परगना प्रमंडल के प्रशासनिक अमले में हलचल तेज है। चुनाव आयोग की इस सक्रियता से संकेत मिल रहे हैं कि आगामी चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर आयोग जमीनी स्तर पर किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं चाहता है।

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