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Uttar Pradesh: माघ मेला-2026 की तैयारियों की सीएम योगी ने की समीक्षा, कहा— मुख्य स्नान पर्वों पर नहीं होगा कोई वीआईपी प्रोटोकॉल

प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर आयोजित होने वाले माघ मेला-2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता का सजीव उदाहरण है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी भी प्रकार का वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं किया जाएगा। इस संबंध में गृह विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश तत्काल जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

कल्पवास और स्नान परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संगम पर कल्पवास, स्नान और साधना की परंपरा भारतीय सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। इस वर्ष 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के केवल कल्पवासी होने का अनुमान है। महाकुंभ के सुव्यवस्थित आयोजन के बाद माघ मेला-2026 को लेकर देश-विदेश में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि व्यवस्थाओं में आध्यात्मिक गरिमा बनी रहे, लेकिन किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या असुविधा नहीं होनी चाहिए।

31 दिसंबर तक पूरी हों सभी तैयारियां

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि माघ मेला से जुड़े सभी विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी एवं अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) स्वयं मेला क्षेत्र जाकर तैयारियों की समीक्षा करें। 31 दिसंबर तक सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं।बैठक में मंडलायुक्त प्रयागराज ने जानकारी दी कि माघ मेला-2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक कुल 44 दिनों तक होगा। इस दौरान पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे।

12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

पूरे मेला काल में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। वहीं मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्व पर एक ही दिन में साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
मेला क्षेत्र का विस्तार बढ़ाकर लगभग 800 हेक्टेयर कर दिया गया है। सेक्टरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 की गई है। स्नान घाटों की कुल लंबाई में पिछले माघ मेले की तुलना में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 पार्किंग स्थल, 9 पांटून पुल, बेहतर आंतरिक सड़क व्यवस्था और सुगम आवागमन की कार्ययोजना अंतिम चरण में है।

अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के लिए बहुस्तरीय ठोस कार्ययोजना तैयार करने और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।पुलिस आयुक्त, प्रयागराज कमिश्नरेट ने बताया कि मेला अवधि के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। करीब 450 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 250 कैमरे पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। मेला क्षेत्र में एआई आधारित सर्विलांस और क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के बेहतर व्यवहार और श्रद्धालु-संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए विशेष प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही एनएसएस स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स के सहयोग को भी व्यवस्थाओं में शामिल करने को कहा।

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