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Uttar Pradesh :पंकज चौधरी निर्विरोध बने प्रदेश अध्यक्ष, पूर्वांचल और ओबीसी वोट बैंक पर पार्टी का बड़ा दाँव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आखिरकार अपना नया संगठनात्मक प्रमुख मिल गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। लखनऊ के लोकभवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव प्रभारी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया।पंकज चौधरी के हाथों में प्रदेश भाजपा की कमान आने के साथ ही संगठनात्मक स्तर पर एक नए युग का सूत्रपात हो गया है, जिसकी सीधी चुनौती आगामी चुनावों में पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना होगी।

निर्विरोध निर्वाचन और पदभार ग्रहण

पीयूष गोयल ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि “यह घोषित करते हुए खुशी हो रही है कि भाई पंकज चौधरी को सर्वसमिति से चुन लिया गया है।पंकज चौधरी को यूपी भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही उन्हें निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष का प्रमाणपत्र भी दिया गया।इसके बाद निर्वतमान अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और नए अध्यक्ष पंकज चौधरी की कुर्सी बदली गई।पद संभालते ही, पंकज चौधरी ने सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।पीयूष गोयल ने इसके साथ ही 120 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन की भी घोषणा की। राष्ट्रीय परिषद सदस्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक जैसे शीर्ष नेता शामिल हैं।

पंकज की नियुक्ति के पीछे की राजनीतिक रणनीति

पंकज चौधरी की नियुक्ति को भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक दाँव माना जा रहा है। वह पूर्वांचल के महाराजगंज से सात बार के अनुभवी सांसद हैं और कुर्मी (OBC) समुदाय से आते हैं। उनकी इस पद पर ताजपोशी के पीछे पार्टी की गहरी और बहुआयामी रणनीति है।यूपी, खासकर पूर्वांचल में ओबीसी आबादी एक बड़ा वोट बैंक है। पंकज चौधरी जैसे मजबूत कुर्मी नेता को कमान सौंपकर भाजपा विपक्ष के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट करना चाहती है और ओबीसी मतदाताओं पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।पंकज चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बेहद विश्वस्त माने जाते हैं। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के रूप में उनका अनुभव और संगठनात्मक क्षमता भी इस चयन का एक प्रमुख कारण है।पंकज चौधरी का मजबूत आधार पूर्वांचल है, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। उनकी नियुक्ति से इस क्षेत्र में पार्टी को संगठनात्मक और चुनावी मजबूती मिलेगी।

चुनौतियाँ और आगे की राह

नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के सामने अब कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी, जिनमें पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना, आगामी चुनावों (2027 विधानसभा और 2029 लोकसभा) के लिए प्रभावी रणनीति बनाना और केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना शामिल है। उम्मीद है कि उनकी संगठनात्मक क्षमता और अनुभव पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मददगार साबित होंगे।

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