
अयोध्या । रामनगरी अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ (प्रतिष्ठा द्वादशी) के अवसर पर भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की रूपरेखा तय कर ली गई है। इस अवसर पर आयोजित होने वाले अनुष्ठान के मुख्य यजमान केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे। उनकी सहमति प्राप्त हो चुकी है और उनका अयोध्या आगमन 31 दिसंबर को प्रस्तावित है।
तीन दिवसीय प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह, 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक आयोजन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार प्रतिष्ठा द्वादशी का मुख्य समारोह 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इसके पूर्व 27 दिसंबर से रामलला का मंडल पूजन अनुष्ठान आरंभ होगा, जो 31 दिसंबर तक चलेगा।यह अनुष्ठान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी एवं जगद्गुरु माध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ के निर्देशन में संपन्न होगा। इस दौरान भगवान रामलला के षोडशोपचार पूजन और महाभिषेक का दूरदर्शन के माध्यम से सजीव प्रसारण भी किया जाएगा।
29 दिसंबर से रामकथा, दो जनवरी को होगी पूर्णाहुति
तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपतराय ने जानकारी दी कि प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के अवसर पर 29 दिसंबर से जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य के श्रीमुख से रामकथा की अमृत वर्षा होगी।रामकथा की पूर्णाहुति 2 जनवरी को संपन्न होगी।
रामलीला आधारित नृत्य नाटिका और भव्य सांस्कृतिक संध्या
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।छत्तीसगढ़ की मंडली द्वारा भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर लंका विजय कर अयोध्या लौटने तक की लीला पर आधारित नृत्य नाटिका का आयोजन दो दिनों तक किया जाएगा।31 दिसंबर को प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा अपनी भजन संध्या से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करेंगे।1 जनवरी को बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध गायक सुरेश वाडेकर अपनी प्रस्तुति देंगे।सभी कार्यक्रम अंगद टीला परिसर में आयोजित किए जाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में इन सभी आयोजनों को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
190 फीट ऊंचाई पर ऐतिहासिक ध्वजारोहण, सेना की रही अहम भूमिका
महासचिव चंपतराय ने बताया कि मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में आयोजित ट्रस्ट की बैठक में हाल ही में संपन्न ध्वजारोहण समारोह की समीक्षा की गई।बैठक में बताया गया कि 190 फीट की ऊंचाई पर तिरछा (डायग्नल) ध्वजारोहण देश में पहली बार किया गया, जिसके लिए भारतीय सेना की सहायता ली गई थी।इस दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सेना के जवान राम मंदिर के दूसरे तल पर तैनात थे। सेना के सहयोग से यह ऐतिहासिक ध्वजारोहण पूरी तरह सुरक्षित और सफल रहा।
परकोटे के छह मंदिरों में अब होगा ध्वजारोहण
राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण संपन्न हो चुका है, लेकिन शेषावतार सहित परकोटे के छह अन्य मंदिरों में ध्वजारोहण अभी शेष है।महासचिव चंपतराय ने बताया कि सेना के जवानों से स्थानीय कर्मियों को ध्वजारोहण का प्रशिक्षण दिया गया है। इसी प्रशिक्षण के आधार पर एक-एक कर सभी मंदिरों में ध्वजारोहण किया जाएगा।साथ ही परकोटा और सप्त मंडपम क्षेत्र में आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था सुलभ कराने की योजना तैयार की जा रही है। योजना को अंतिम रूप दिए जाने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
निर्माणाधीन अतिथि गृह में नहीं होगा रात्रि विश्राम
राम मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी देते हुए महासचिव चंपतराय ने बताया कि 500 दर्शकों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह निर्माणाधीन है।इसके अलावा अतिथि गृह और तीर्थ क्षेत्र कार्यालय का निर्माण कार्य भी जारी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिथि गृह केवल विश्राम के लिए होगा, यहां किसी भी अतिथि का रात्रि निवास नहीं कराया जाएगा।
राम मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बरकरार
चंपतराय ने बताया कि पिछले 33 वर्षों से राम मंदिर परिसर उच्च सुरक्षा घेरे में है और यह व्यवस्था भविष्य में भी जारी रहेगी।वर्तमान में परिसर में एक एडीशनल एसपी (सुरक्षा),तीन सीओ,तीन मंदिर मजिस्ट्रेट,
तीन पीएसओ की तैनाती है।
मार्च 2026 तक पूरा होगा रामलला का अस्थायी मंदिर और कारसेवक स्मारक
राम मंदिर परिसर में विराजमान रामलला के अस्थायी मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही हुतात्मा कारसेवकों की स्मृति में स्मारक का निर्माण भी किया जा रहा है।भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्र ने बताया कि यह दोनों कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे।इस संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, मंदिर निर्माण के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा, सीबीआरआई के पूर्व चेयरमैन एके मित्तल, जगदीश आफले सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
आस्था, संस्कृति और राष्ट्रभाव का संगम बनेगा प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर आयोजित होने वाला यह समारोह न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना के रूप में भी ऐतिहासिक बनने जा रहा है।मुख्य यजमान के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति इस आयोजन को और भी विशेष बना देगी।



