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Jharkhand: जमशेदपुर में सिंदूर खेला के साथ मां दुर्गा को दी गई विदाई, ‘अगले बरस फिर आना मां’ के जयकारों से गूंजे घाट

जमशेदपुर: शारदीय नवरात्र के दसवें दिन बुधवार सुबह से ही जमशेदपुर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाकर मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। इसके बाद पूजा समितियों की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए स्वर्णरेखा नदी घाट पहुंचने लगीं।मां की विदाई के दौरान पूजा पंडालों से लेकर नदी घाटों तक भक्तिमय माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु ‘अगले बरस फिर आना मां’ और ‘जय मां दुर्गा’ के जयकारे लगाते हुए मां को विदा कर रहे हैं। इस दौरान कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

सिंदूर खेला में महिलाओं ने मांगी सुख-समृद्धि की कामना

विजयादशमी के अवसर पर विभिन्न पूजा पंडालों में महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर सिंदूर खेला की परंपरा निभाई। महिलाओं ने अखंड सौभाग्य, परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। पारंपरिक रस्मों और भक्ति गीतों के बीच मां दुर्गा की विदाई का दृश्य भावुक कर देने वाला रहा।

‘अगले बरस फिर आना मां’ के जयकारों के बीच विसर्जन

सिंदूर खेला के बाद पूजा समितियों ने मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए रवाना किया। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच प्रतिमाओं को लेकर स्वर्णरेखा नदी घाट पहुंचने लगे।मां की विदाई के समय भक्तों ने अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना की। नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आराधना और उत्सव में शामिल रहे श्रद्धालुओं के लिए विसर्जन का क्षण भावुक रहा।

विजयादशमी की शुभकामनाओं का दौर शुरू

शहर में विजयादशमी की बधाइयों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। लोग एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं देकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

विसर्जन को लेकर प्रशासन ने किए सुरक्षा के इंतजाम

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। नदी घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष वॉलंटियर तैनात किए गए हैं।प्रशासन का प्रयास है कि प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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