Delhi: अरविंद केजरीवाल और परिवार के चार सदस्यों को एसआइआर नोटिस, आप ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत उनके परिवार के चार सदस्यों को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया है। केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और माता-पिता गोबिंद राम केजरीवाल व गीता देवी को ‘अनमैप्ड विद लास्ट एसआईआर’ श्रेणी में नोटिस दिया गया है।निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, नोटिस का उद्देश्य संबंधित मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन करना है। नोटिस जारी होना अपने आप में मतदाता की अयोग्यता साबित नहीं करता है। संबंधित मतदाताओं को अपनी पात्रता और रिकॉर्ड स्पष्ट करने का अवसर दिया जा रहा है।
केजरीवाल परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस
अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र (AC-40) के पंजीकृत मतदाता हैं। रिपोर्टों के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र के एक विशेष पार्ट सेगमेंट में कुल 110 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें केजरीवाल परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं।नोटिस पाने वालों में अरविंद केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल तथा पिता गोबिंद राम केजरीवाल और मां गीता देवी शामिल हैं।
क्या है ‘अनमैप्ड विद लास्ट एसआईआर’ श्रेणी?
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के मौजूदा रिकॉर्ड को पिछली एसआईआर सूची से मिलान किया जा रहा है। जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड पिछली एसआईआर से मैप नहीं हो पाया है, उन्हें संबंधित श्रेणी में रखा गया है और सत्यापन के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।दिल्ली सीईओ कार्यालय की प्रक्रिया के तहत ऐसे मामलों में दावे और आपत्तियों के माध्यम से रिकॉर्ड स्पष्ट करने का अवसर उपलब्ध है।
आप ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
केजरीवाल परिवार को नोटिस मिलने के बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पूछा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दिल्ली की मतदाता सूची में सत्यापन के लिए क्यों चिह्नित किए गए हैं।आप ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी की प्रतिक्रिया को उसके राजनीतिक पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी मिला था नोटिस
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान दिल्ली की मौजूदा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम भी विसंगति वाले रिकॉर्ड में चिह्नित किया गया था। उन्हें ‘तार्किक विसंगति’ के तहत नोटिस जारी हुआ था।रिपोर्टों के अनुसार, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनके रिकॉर्ड की विसंगति दूर कर दी गई।इससे यह भी स्पष्ट है कि एसआईआर के तहत जारी नोटिस अलग-अलग प्रकार के रिकॉर्ड संबंधी सत्यापन का हिस्सा हैं और नोटिस मिलना अपने आप में मतदाता सूची से स्थायी निष्कासन का निर्णय नहीं है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47.6 लाख नाम बाहर
दिल्ली में एसआईआर के तहत 31 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इसमें करीब 47.6 लाख नाम पिछली सूची की तुलना में शामिल नहीं थे। रिपोर्टों के अनुसार, इन मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट समेत अलग-अलग श्रेणियों में चिह्नित किया गया है।दिल्ली सीईओ की प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने वाले मतदाताओं को दावा और आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया गया है।
30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां
एसआईआर ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित है। इसके बाद प्राप्त आवेदनों और दस्तावेजों की जांच की जाएगी।चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।



