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Jharkhand: एन. चंद्रशेखरन फिर बने टाटा संस के चेयरमैन, 5 साल का मिला एक्सटेंशन

जमशेदपुर: देश के प्रमुख कारोबारी समूह टाटा ग्रुप से बड़ी खबर सामने आई है। एन. चंद्रशेखरन को एक बार फिर टाटा संस का कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है। टाटा संस के बोर्ड ने 17 सितंबर 2026 को बहुमत से उनके कार्यकाल को पांच साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया। यह नया कार्यकाल उनके मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद शुरू होगा।हालांकि, यह फैसला सर्वसम्मत नहीं था। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का विरोध किया। रिपोर्टों के मुताबिक बोर्ड में प्रस्ताव के पक्ष में चार और विरोध में एक वोट पड़ा।

एक महीने पहले पुनर्नियुक्ति से किया था इनकार

एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगस्त 2026 में उन्होंने मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद स्वीकार नहीं करने का फैसला बोर्ड को बताया था।टाटा संस के मुताबिक, 3 सितंबर को बोर्ड की नामांकन और पारिश्रमिक समिति ने इस मुद्दे पर विचार किया और चंद्रशेखरन से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। 17 सितंबर की बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन ने बोर्ड के अनुरोध को स्वीकार किया, जिसके बाद बहुमत से उनकी पांच साल के लिए पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव पारित हुआ।

नोएल टाटा ने किया विरोध

नोएल टाटा ने बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को खुद फरवरी 2027 के बाद पद पर बने नहीं रहने का निर्णय लिया था और टाटा ट्रस्ट ने उस निर्णय को स्वीकार कर लिया था।इसके बाद टाटा ट्रस्ट ने भी बोर्ड के फैसले की वैधता पर सवाल उठाया है। यह विवाद अब टाटा संस की आगे की कॉरपोरेट गवर्नेंस और नेतृत्व प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।

टाटा संस की लिस्टिंग पर भी बड़ा फैसला

बोर्ड बैठक में सिर्फ चेयरमैन की पुनर्नियुक्ति ही नहीं, बल्कि टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग को लेकर भी फैसला लिया गया। बोर्ड ने आरबीआई की लागू लिस्टिंग आवश्यकताओं के अनुपालन की दिशा में कदम उठाने का निर्णय लिया है और इस संबंध में आरबीआई , टाटा ट्रस्ट तथा अन्य हितधारकों से मार्गदर्शन लेने की बात कही है।

आगे एजीएम में भी होगी प्रक्रिया

बोर्ड के फैसले के बावजूद मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। टाटा संस की एजीएम में इस निर्णय की पुष्टि की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस में करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसलिए आगे होने वाली शेयरधारक प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।एन. चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष का पद संभाला था। अब बोर्ड के ताजा फैसले के बाद वह फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद अगले पांच वर्षों तक इस पद पर बने रहने की स्थिति में हैं।

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