नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयानों को लेकर शुक्रवार को निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमित शाह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भ्रमित करने के बजाय उनके साथ खुली बहस के लिए तैयार करना चाहिए।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अमित शाह के कुछ बयानों से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए लिखा, “अमित शाह जी, मोदी जी को कन्फ्यूज मत कीजिए। बस उन्हें मेरे साथ खुली बहस के लिए मना लीजिए। कोई भी मंच, कोई भी समय। डरिए मत।”
एसआईआर पर संसद में चर्चा को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने साझा किए गए वीडियो के जरिए अमित शाह के बयानों में विरोधाभास का दावा किया। वीडियो में बताया गया है कि शाह ने 10 दिसंबर 2025 को लोकसभा में एसआईआर के मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं होने की बात कही थी। वहीं, 5 नवंबर को उन्होंने कहा था कि सरकार एसआईआर पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री कांग्रेस नेताओं को देशद्रोही कहते हैं। राहुल का दावा है कि यदि प्रधानमंत्री उनके साथ बहस करते हैं तो वह पांच मिनट में उनके आरोपों का जवाब दे सकते हैं।
अमित शाह ने राहुल गांधी पर लगाया था संसद में हंगामे का आरोप
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद में हंगामा करना और बहिष्कार करना कांग्रेस की कार्यशैली बना दिया है।शाह ने कहा था कि लोकतंत्र में संसद बहस का सर्वोपरि मंच है, लेकिन राहुल गांधी न तो संसद चलने देते हैं और न ही मुद्दों पर चर्चा करते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर हंगामे को अपनी राजनीतिक संस्कृति बनाने का आरोप लगाया।गुरुवार को हरियाणा के करनाल में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने विपक्ष को एसआईआर पर चर्चा की चुनौती भी दी थी।
राहुल गांधी पहले भी दे चुके हैं बहस की चुनौती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती देना राहुल गांधी का पहला मौका नहीं है। बुधवार को भी उन्होंने दावा किया था कि वह पांच मिनट की बहस में प्रधानमंत्री पर लगाए गए आरोपों को साबित कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री कहीं भी उनके साथ बैठकर बहस करें।पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने एसआईआर पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के भाजपा के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में चर्चा की बात तो की जाती है, लेकिन विपक्ष को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता और उनका माइक बंद कर दिया जाता है।
