Bihar: छोटू सिंह ने संजय झा पर लगाए गंभीर आरोप, ललन सिंह की जगह मंत्री बनने की कही बात

पटना: बिहार की सियासत में जनता दल यूनाइटेड से निष्कासित नेता छोटू सिंह के बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उन्होंने जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और उनके करीबियों पर पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाया है। छोटू सिंह ने दावा किया कि संजय झा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनना चाहते हैं और केंद्रीय मंत्रिमंडल में जेडीयू कोटे से मौजूदा मंत्री ललन सिंह की जगह लेने की कोशिश कर रहे हैं।बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव छोटू सिंह को जुलाई 2026 में जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किया गया था। मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने संजय झा और जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा पर भी निशाना साधा। हालांकि, संजय झा की केंद्रीय मंत्री बनने की कथित महत्वाकांक्षा और पार्टी को कमजोर करने से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

‘संजय झा केंद्रीय मंत्री बनना चाहते हैं’

छोटू सिंह ने आरोप लगाया कि संजय झा की नजर केंद्र सरकार में मंत्री पद पर है। उन्होंने दावा किया कि संजय झा केंद्रीय मंत्रिमंडल में ललन सिंह की जगह लेना चाहते हैं।उन्होंने कहा, “संजय झा चाहते हैं कि वह केंद्रीय मंत्री बन जाएं। ललन सिंह की जगह वो (मोदी कैबिनेट) में चले जाएं।”छोटू सिंह ने संजय झा की चुनावी राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि संजय झा अपने दम पर चुनाव जीतने में सफल नहीं रहे हैं और उनकी राजनीतिक हैसियत नीतीश कुमार के समर्थन पर निर्भर है।

‘नीतीश कुमार का आशीर्वाद हट जाए तो कुछ नहीं रहेंगे’

जेडीयू के पूर्व नेता ने संजय झा पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार के समर्थन के बिना उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय झा ने अतीत में नीतीश कुमार को कमजोर करने की कोशिश की थी।छोटू सिंह ने कहा कि पार्टी के भीतर कुछ नेता अपने हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने संजय झा के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उनके कारण जेडीयू की स्थिति प्रभावित हो रही है।हालांकि, इन बयानों पर संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आना बाकी है।

सम्राट चौधरी को लेकर भी किया दावा

छोटू सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि संजय झा और उनके करीबी नेता मुख्यमंत्री को राजनीतिक रूप से स्थिर नहीं देखना चाहते हैं।उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी बहुत अच्छे मुख्यमंत्री हैं। बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। मगर संजय झा जैसे लोगों की वजह से वे बदनाम हो रहे हैं।”छोटू सिंह ने यह भी दावा किया कि जेडीयू के भीतर कुछ नेता पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके इन बयानों से राज्य की सत्तारूढ़ राजनीति में नेताओं के बीच मतभेदों को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।

ललन सराफ और संजय गांधी पर भी साधा निशाना

मीडिया से बातचीत में छोटू सिंह ने जेडीयू नेताओं ललन सराफ और संजय गांधी का भी नाम लिया। उन्होंने इन नेताओं की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी संपत्ति की जांच कराने की मांग की।हालांकि, संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी प्रमाण सामने आने की जानकारी नहीं है। ऐसे में इन दावों की पुष्टि संबंधित जांच या आधिकारिक रिकॉर्ड से ही हो सकती है।

जुलाई 2026 में जेडीयू से हुए थे निष्कासित

छोटू सिंह जेडीयू की प्रदेश कार्यकारिणी में रह चुके हैं। पिछले साल तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें बिहार राज्य नागरिक परिषद का महासचिव नियुक्त किया था। हालांकि, जुलाई 2026 में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया।चर्चा है कि प्रदेश कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से छोटू सिंह नाराज थे। संजय झा के साथ उनकी बहस होने की बात भी सामने आई थी। छोटू सिंह को बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता अशोक चौधरी का करीबी माना जाता है। उनके निष्कासन पर मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने भी नाराजगी जताई थी।फिलहाल, छोटू सिंह के ताजा बयानों ने जेडीयू के भीतर नेतृत्व, राजनीतिक महत्वाकांक्षा और आपसी संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, उनके आरोपों पर संजय झा और अन्य संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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