Jharkhand: बीएसएल में 1500 विस्थापित युवाओं की नौकरी का मामला गरमाया, विधायक प्रदीप यादव ने सीएम हेमंत सोरेन को लिखा पत्र

रांची: बोकारो स्टील प्लांट के लिए जमीन देने वाले विस्थापित परिवारों के 1500 प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी देने की मांग तेज हो गई है। पोड़ैयाहाट के विधायक और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बीएसएल प्रबंधन को पूर्व में हुए समझौते के अनुरूप युवाओं की नियुक्ति के लिए आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।

1962-63 में जमीन देने वाले परिवारों के युवाओं का मामला

प्रदीप यादव के अनुसार, बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना के लिए वर्ष 1962-63 में कई परिवारों की कृषि भूमि अधिग्रहित की गई थी। अब तक 17,990 विस्थापितों को नौकरी दिए जाने की जानकारी उन्होंने दी।विधायक ने बताया कि विस्थापन और पुनर्वास नीति के तहत वर्ष 2018 से 2022 के बीच 1500 विस्थापित परिवारों के एक-एक सदस्य को अप्रेंटिसशिप का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन युवाओं को नौकरी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वे अब भी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

समझौते के बाद भी नियुक्ति नहीं होने का आरोप

प्रदीप यादव ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बावजूद युवाओं को नौकरी नहीं मिली है। कई अभ्यर्थियों की उम्र भी नियुक्ति के लिए निर्धारित आयु सीमा के करीब पहुंच रही है, जिससे उनकी चिंता बढ़ रही है।उन्होंने बताया कि युवाओं के आंदोलन के बाद जिला प्रशासन की मौजूदगी में बीएसएल प्रबंधन और प्रशिक्षु संघ के बीच समझौता हुआ था। विधायक के मुताबिक, इस समझौते में युवाओं को चतुर्थ श्रेणी के पदों पर समायोजित करने की बात तय हुई थी। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है।

भूख हड़ताल पर बैठीं कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह

विस्थापित युवाओं को नौकरी देने की मांग को लेकर बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह भी आंदोलन कर रही हैं। दी गई जानकारी के अनुसार, वह प्रशिक्षु संघ और प्रभावित युवाओं के साथ कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी हैं।इस आंदोलन के जरिए प्रशिक्षित युवाओं की नियुक्ति और पूर्व में हुए समझौते को लागू करने की मांग उठाई जा रही है।

सीएम हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप की मांग

प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया है कि विस्थापित परिवारों के प्रशिक्षित युवाओं की नियुक्ति के मामले में हस्तक्षेप किया जाए। उन्होंने बीएसएल प्रबंधन को पूर्व में हुए समझौते को लागू करने के लिए जरूरी निर्देश देने की मांग की है।विधायक का कहना है कि लंबे समय से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं को राहत देने के लिए इस मामले का समाधान जरूरी है। अब इस मुद्दे पर राज्य सरकार और बीएसएल प्रबंधन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर प्रभावित परिवारों की नजर रहेगी।

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