पटना/नालंदा: पटना के गौरीचक और नालंदा जिले की सीमा से सटे कराय परसुराय थाना क्षेत्र के बिनशा गांव में गुरुवार को मिट्टी की खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से भगवान विष्णु की प्रतिमा मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। प्रतिमा मिलने की जानकारी आसपास के गांवों में भी तेजी से फैल गई। इसके बाद महिला, पुरुष और बच्चे मौके पर पहुंचने लगे और प्रतिमा की पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
जेसीबी से खुदाई के दौरान दिखाई दी प्रतिमा
बताया जाता है कि बिनशा गांव निवासी गंगा पासवान के खेत में जेसीबी से मिट्टी की कटाई-खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान जमीन के अंदर एक प्रतिमा दिखाई दी। खुदाई कर प्रतिमा को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने इसे भगवान विष्णु की प्रतिमा बताया।ग्रामीणों के अनुसार, प्रतिमा अष्टधातु की प्रतीत हो रही है। हालांकि, प्रतिमा किस धातु से बनी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। धातु की वास्तविक पहचान जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रतिमा साफ कर शुरू की गई पूजा-अर्चना
प्रतिमा मिलने के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उसे साफ किया और एक स्थान पर स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। महिलाओं ने भक्ति गीत गाए और भगवान विष्णु की स्तुति की। देखते ही देखते खेत के आसपास धार्मिक माहौल बन गया।ढोल-मंजीरे की आवाज के बीच ग्रामीण भगवान विष्णु के जयकारे लगाने लगे। कुछ लोग पूजा की तैयारी में जुट गए, जबकि कुछ ग्रामीणों ने मौके पर पंडाल लगाने की तैयारी शुरू कर दी।
आसपास के गांवों से भी पहुंचने लगे लोग
प्रतिमा मिलने की खबर आसपास के गांवों में फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग बिनशा गांव पहुंचने लगे। महिला, पुरुष और बच्चों की भीड़ के कारण खेत के पास उत्सव जैसा माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने प्रतिमा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।
प्रतिमा को लेकर ग्रामीणों में कौतूहल
जमीन के अंदर से प्रतिमा निकलने के बाद ग्रामीणों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि खेत में मिट्टी की खुदाई के दौरान इस तरह प्रतिमा का मिलना कौतूहल का विषय है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि प्रतिमा वास्तव में अष्टधातु की है या किसी अन्य धातु से बनी है। इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रतिमा मिलने के बाद बिनशा गांव में उत्सव और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
