Bihar: बिहार में डेटा ऑपरेटरों को हटाने पर आरजेडी का सरकार पर हमला, रोजगार के वादे पर उठाए सवाल

पटना: बिहार में डेटा ऑपरेटरों को हटाए जाने के मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। राजद ने आरोप लगाया कि एक करोड़ सरकारी नौकरी देने का वादा करने वाली भाजपा-जदयू सरकार अब पहले से काम कर रहे डेटा ऑपरेटरों को भी हटाने की कार्रवाई कर रही है।यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब बिहार के कुछ प्रखंड संसाधन केंद्रों से डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त किए जाने की खबरें सामने आई हैं। बिहारशरीफ में 1 अक्टूबर से डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवा समाप्त होने के बाद स्कूलों की रिपोर्टिंग और आंकड़े जुटाने की व्यवस्था प्रभावित होने की बात स्थानीय रिपोर्ट में कही गई है।

डेटा ऑपरेटरों को हटाने पर राजद ने उठाए सवाल

राजद ने कहा कि सरकारी कामकाज में डेटा ऑपरेटरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पार्टी का दावा है कि जिला स्तर के अधिकारियों ने भी लिखित तौर पर बताया है कि डेटा ऑपरेटरों के हटने से सरकारी कामकाज और रिपोर्टिंग व्यवस्था प्रभावित हो रही है।पार्टी ने सवाल उठाया कि जब इन कर्मचारियों की सेवाओं की जरूरत सरकारी विभागों में बनी हुई है, तो उन्हें हटाने का फैसला क्यों लिया जा रहा है। राजद ने सरकार से इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

एक करोड़ नौकरी के वादे पर सरकार को घेरा

राजद ने सरकार की रोजगार नीति पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि एक करोड़ सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था, लेकिन अब पहले से काम कर रहे डेटा ऑपरेटरों को भी हटाया जा रहा है।वहीं, बिहार सरकार की आधिकारिक रोजगार पहल में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ‘बिहार रोजगार सेतु’ और ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख है।राजद ने सरकार से डेटा ऑपरेटरों को हटाने के फैसले पर स्पष्ट जवाब देने और सरकारी कामकाज पर इसके असर को लेकर स्थिति बताने की मांग की है।

Exit mobile version