जमशेदपुर: शहर की पुरानी सांस्कृतिक संस्थाओं में शामिल मद्रासी सम्मेलनी की ओर से बिष्टुपुर स्थित एल रोड परिसर में 24वें बुक ग्रांट समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शहर के 11 स्कूलों में पढ़ने वाले वंचित और जरूरतमंद वर्ग के विद्यार्थियों के बीच कुल 2 लाख 33 हजार 300 रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की गई। इसके अलावा पांच प्रोजेक्ट स्कूलों और छह गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
1992-93 में शुरू हुई थी आर्थिक सहायता की पहल
मद्रासी सम्मेलनी लंबे समय से सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक और मानवतावादी गतिविधियों के साथ जरूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थियों की मदद करती आ रही है। संस्था ने वर्ष 1992-93 में अपने प्लेटिनम जुबली समारोह के दौरान विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने की शुरुआत की थी। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष 24वें बुक ग्रांट समारोह का आयोजन किया गया।
पांच प्रोजेक्ट स्कूलों को मिले 25-25 हजार रुपये
समारोह के दौरान विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के साथ पांच प्रोजेक्ट स्कूलों को भी 25-25 हजार रुपये प्रदान किए गए। इनमें बाल कल्याण विद्या मंदिर, डीबीएमएस लिलिपुट स्कूल, प्रेम ज्योति प्रांगण, ट्राइबल एजुकेशन मिशन और भारती विद्यालय शामिल हैं।इसके अलावा कमजोर आर्थिक स्थिति वाले छह गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के लिए कुल 50 हजार रुपये की चिकित्सा सहायता दी गई।
डॉ. बी. चंद्रशेखर ने लाभार्थियों को सौंपे चेक
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीबीएमएस स्कूल के फाइनेंस चेयरपर्सन डॉ. बी. चंद्रशेखर शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों और अन्य लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक प्रदान किए।इस अवसर पर उन्होंने जरूरतमंद लोगों तक लगातार सहायता पहुंचाने की मद्रासी सम्मेलनी की परंपरा की सराहना की। साथ ही शहर की अन्य सामाजिक संस्थाओं से भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया।
संस्था के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
समारोह में मद्रासी सम्मेलनी के चेयरमैन जी. शंकर, वाइस चेयरमैन वी. नटराजन, सचिव एस. सुब्रमण्यम, कोषाध्यक्ष ए. आर. गोपालन, सदस्य एम. एस. वी. सिवा, एस. शेषाद्री, अध्यक्ष एस. रमेश, उपाध्यक्ष शिव कुमार, सचिव एन. श्रीनिवासन, कोषाध्यक्ष के. राघवन, संयुक्त सचिव दिलीप कुमार, समिति सदस्य के. वी. गोविंद, एस. श्रीनिवासन और मैनेजर जी. रवि कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने समारोह को सफल बनाने में सहयोग किया।
