पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में विकास, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और धार्मिक पर्यटन से जुड़े 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास, मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की नियुक्ति, मखाना और ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित होगा विष्णुपद मंदिर क्षेत्र
कैबिनेट ने गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 3,516 करोड़ 5 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इस क्षेत्र को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना है।योजना के तहत मल्टी लेवल कार पार्किंग, एलिवेटेड पथ, पुल और रैंप, घाटों का विकास, डॉरमेट्री, कैंटीन और सीता कुंड समेत कई सुविधाओं का विकास किया जाएगा।इसके अलावा सोन नदी का पानी उत्तर कोयल मुख्य नहर तक पहुंचाने के लिए इंद्रपुरी बराज से 23 किलोमीटर ऊपर इंटक वेल बनाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है।
पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति
स्वास्थ्य विभाग के अधीन पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 366 रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी।इनमें बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। नियमित नियुक्ति होने तक इन पदों पर संविदा के आधार पर बहाली की जाएगी।सरकारी डेंटल कॉलेज और अस्पतालों में खाली पदों पर भी संविदा नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।वहीं, 17 नवंबर 2021 से लगातार बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टर रवि शंकर प्रसाद को सेवा से मुक्त करने की मंजूरी भी कैबिनेट ने दी है।
मखाना की खेती के लिए 89.79 करोड़ रुपये मंजूर
किसानों के लिए भी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मखाना विकास योजना के तहत करीब 89.79 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।इसके साथ ही ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए NMEO-OP योजना के तहत 2.10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2027-28 तक 78.34 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना
कैबिनेट ने ईंट-भट्ठा व्यवसायियों को राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 तक की बकाया राशि के निपटारे का रास्ता आसान होगा।बताया गया है कि ईंट-भट्ठा कारोबारियों पर करीब 266 करोड़ रुपये की राशि बकाया है।
पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में पैरावेट स्कूल के लिए छह पद
बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में पैरावेट स्कूल के लिए छह पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इन पदों के लिए करीब 45.99 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।इसके अलावा बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली-2026 और बिहार जिला खनिज फाउंडेशन नियमावली-2026 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
बिहार सूचना आयोग में दो नए पदों को मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार सूचना आयोग में दो अतिरिक्त राज्य सूचना आयुक्तों के पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है।वहीं, जल संसाधन विभाग के लिए आकस्मिकता निधि से 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई है।
