एंटरटेनमेंट डेस्क: मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पदयात्रा’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। मशहूर फिल्ममेकर अडूर गोपालकृष्णन के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। खास बात यह है कि ममूटी और अडूर गोपालकृष्णन करीब तीन दशक बाद एक बार फिर साथ काम कर रहे हैं।1 मिनट 14 सेकंड के ट्रेलर में ममूटी एक डॉक्टर के किरदार में नजर आते हैं। कहानी में रहस्य, सामाजिक बदलाव और गंभीर परिस्थितियों की झलक दिखाई गई है। ट्रेलर के अंत तक मामला देशद्रोह जैसे गंभीर आरोपों तक पहुंचता नजर आता है।
‘पदयात्रा’ के ट्रेलर में क्या दिखा?
ट्रेलर की शुरुआत ममूटी के किरदार की सुबह की दिनचर्या से होती है। स्ट्रेचिंग करने के बाद वह घर से निकलते हैं और अपने काम में व्यस्त हो जाते हैं।एक जगह जब उनसे कहा जाता है कि समय बदल रहा है और इसके साथ कुछ समझौते करने पड़ते हैं, तो उनका किरदार मुस्कुराते हुए जवाब देता है— “समय नहीं बदलता, हम बदलते हैं।”इसके बाद कहानी गांव के माहौल में पहुंचती है, जहां लोग डॉक्टर के पास इतनी संपत्ति होने को लेकर तरह-तरह के सवाल करते दिखाई देते हैं।
डॉक्टर के किरदार में नजर आए ममूटी
ट्रेलर में ममूटी एक डॉक्टर की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। वह एक महिला मरीज को बदलाव को इलाज का हिस्सा मानने की सलाह देते हैं।उनका किरदार कहता है कि जब भागने का मौका मिले तो पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। इसी के साथ कहानी में तनाव बढ़ता दिखाई देता है।माओवादी हमले के संदेह के बीच पुलिस की जांच शुरू होती है और डॉक्टर से भी पूछताछ की जाती है। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच करना उनकी जिम्मेदारी है। पूछताछ के दौरान डॉक्टर के चेहरे पर टॉर्च की रोशनी डाले जाने का दृश्य ट्रेलर के रहस्य को और गहरा करता है।
देशद्रोह के आरोप तक पहुंचती है कहानी?
ट्रेलर के अंतिम हिस्से में संकेत मिलता है कि ममूटी के किरदार पर लगे आरोप बेहद गंभीर हो सकते हैं और मामला देशद्रोह तक पहुंचता नजर आता है।हालांकि, फिल्म की वास्तविक कहानी क्या है और डॉक्टर पर आखिर किस तरह के आरोप लगते हैं, इसका खुलासा फिल्म की रिलीज के बाद ही होगा।
33 साल बाद फिर साथ आए ममूटी और अडूर गोपालकृष्णन
ममूटी और अडूर गोपालकृष्णन की जोड़ी मलयालम सिनेमा की चर्चित जोड़ियों में रही है। दोनों ने पहली बार 1987 की फिल्म ‘अनंतराम’ में साथ काम किया था। मनोवैज्ञानिक ड्रामा इस फिल्म में अशोकन और शोभना भी अहम भूमिकाओं में थे।‘अनंतराम’ के लिए अडूर गोपालकृष्णन को बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट स्क्रीनप्ले के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था।इसके करीब तीन साल बाद दोनों ‘मथिलुकल’ में फिर साथ आए। वैकोम मुहम्मद बशीर के जीवन पर आधारित इस फिल्म ने अडूर गोपालकृष्णन को बेस्ट डायरेक्शन का राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया, जबकि ममूटी को भी इस फिल्म के लिए उनका पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।‘मथिलुकल’ को बेस्ट रीजनल फिल्म (मलयालम) का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था।
अडूर गोपालकृष्णन की निर्देशन में वापसी
‘पदयात्रा’ के साथ दिग्गज फिल्ममेकर अडूर गोपालकृष्णन लंबे अंतराल के बाद निर्देशन में वापसी कर रहे हैं। उनकी पिछली फिल्म ‘पिन्नेयुम’ थी।उन्होंने हाल ही में एक बातचीत में फिल्म निर्माण से दूरी बनाने के अपने विचारों का जिक्र किया था। उनका कहना था कि जब फिल्म सिनेमाघरों में दिखाई नहीं जा सकती तो फिल्म बनाने का सवाल उनके मन में उठता था और उन्होंने फिल्म बनाने के बारे में सोचना लगभग छोड़ दिया था।ममूटी के साथ अपने लंबे सहयोग पर बात करते हुए गोपालकृष्णन ने कहा कि शायद ममूटी ही वह अभिनेता हैं जिन्हें उन्होंने अपनी फिल्मों में बार-बार लिया है। उनकी 13 निर्देशित फिल्मों में ममूटी चार फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं।
‘पदयात्रा’ को लेकर बढ़ी दर्शकों की उत्सुकता
ममूटी और अडूर गोपालकृष्णन की प्रतिष्ठित जोड़ी की वापसी ने ‘पदयात्रा’ को खास बना दिया है। ट्रेलर में गंभीर विषय, रहस्य और सामाजिक परिस्थितियों की झलक देखने को मिलती है।अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि फिल्म की कहानी किस दिशा में जाती है और ममूटी का डॉक्टर वाला किरदार किन परिस्थितियों में फंसता है।
