Delhi: यूजीसी -नेट जून 2026 परीक्षा के तीन विषयों की दोबारा होगी परीक्षा, एनटीए ने जारी की री-एग्जाम की तारीख

नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी -नेट जून 2026 परीक्षा के तीन विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद और व्याकरण संबंधी खामियों की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है।एनटीए ने स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

यूजीसी -नेट री-एग्जाम की तारीख और समय

विषय री-एग्जाम की तारीख समय शिफ्ट


अंग्रेजी 9 सितंबर 2026 सुबह 9 बजे–दोपहर 12 बजे शिफ्ट-1
कॉमर्स 9 सितंबर 2026 दोपहर 3 बजे–शाम 6 बजे शिफ्ट-2
सोशियोलॉजी 10 सितंबर 2026 सुबह 9 बजे–दोपहर 12 बजे शिफ्ट-1

87 विषयों में आयोजित हुई थी यूजीसी -नेट परीक्षा

यूजीसी -नेट जून 2026 परीक्षा 22 से 30 जून के बीच कुल 87 विषयों के लिए आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गलतियों को लेकर अभ्यर्थियों ने शिकायतें दर्ज कराईं।शिकायतों की जांच के लिए एनटीए ने विशेषज्ञ समिति गठित की। समिति की जांच में प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक गलतियां, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी त्रुटियां तथा व्याकरण की खामियां सामने आईं।

विद्वानों के नाम और सवालों में भी मिलीं गलतियां

जांच के दौरान कुछ प्रसिद्ध विद्वानों के नाम गलत लिखे जाने, किताबों के विषय स्पष्ट नहीं होने और कुछ पुराने प्रश्नों के दोबारा पूछे जाने जैसी खामियां सामने आईं।विशेषज्ञ समिति ने माना कि इन त्रुटियों को केवल प्रश्नों की चैलेंज प्रक्रिया के जरिए ठीक करना संभव नहीं होगा। परीक्षा की निष्पक्षता और सभी अभ्यर्थियों के हित को देखते हुए तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा कराने की सिफारिश की गई।

एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र की जानकारी जल्द

री-एग्जाम के लिए परीक्षा शहर, परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी जल्द जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है।

बाकी 84 विषयों के रिजल्ट पर नहीं पड़ेगा असर

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि तीन विषयों की दोबारा परीक्षा का असर बाकी 84 विषयों के परिणाम पर नहीं पड़ेगा। इनके रिजल्ट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी किए जाएंगे।एजेंसी के अनुसार, तीन विषयों की री-एग्जाम प्रक्रिया से जेआरएफ आवंटन, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।

असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता के लिए 6 प्रतिशत का नियम

असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता के लिए अभ्यर्थियों की संख्या जून में हुई मूल परीक्षा अथवा री-एग्जाम में शामिल अभ्यर्थियों की संख्या के 6 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित की जाएगी।एनटीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में पहले से निर्धारित सीटों की संख्या कम नहीं की जाएगी।

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