Bihar: तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी पर वकील का बड़ा दावा, बोलीं- पहले हुई गिरफ्तारी, बाद में दर्ज हुई एफआईआर

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर उनकी वकील निशा सिंह ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तेजप्रताप यादव को एफआईआर दर्ज होने से पहले गिरफ्तार कर लिया, जो कानून की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।वकील ने बताया कि तेजप्रताप यादव की जमानत के लिए जल्द ही अदालत में बेल याचिका दाखिल की जाएगी।

‘पहले गिरफ्तारी, बाद में दर्ज हुई एफआईआर ‘ का दावा

निशा सिंह ने कहा कि तेजप्रताप यादव को सिटी सेंटर मॉल से शाम करीब 7:15–7:20 बजे गिरफ्तार किया गया, जबकि गांधी मैदान थाने में एफआईआर रात करीब 12:50–12:55 बजे दर्ज हुई।उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी पहले और एफआईआर बाद में दर्ज होना कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार, एफआईआर दर्ज करते समय कथित घायल की मेडिकल या इंजरी रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी।

हत्या के प्रयास की धारा पर जताई आपत्ति

वकील ने कहा कि तेजप्रताप यादव पर कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें हत्या के प्रयास से संबंधित धारा सबसे गंभीर है। उनका कहना है कि उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर इन धाराओं को लगाने का औचित्य अदालत में चुनौती दी जाएगी।

‘तेजप्रताप की तबीयत ठीक नहीं’

निशा सिंह ने बताया कि तेजप्रताप यादव पहले से ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने की जानकारी मिली है।उन्होंने कहा कि अदालत से अनुरोध किया जाएगा कि तेजप्रताप यादव को उचित चिकित्सा सुविधा और मेडिकल ऑब्जर्वेशन उपलब्ध कराया जाए।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया और उन्हें बेउर केंद्रीय कारागार भेजा गया।फिलहाल मामले की सुनवाई और जमानत याचिका पर अदालत के फैसले का इंतजार है।

Exit mobile version