Jharkhand:पप्पू यादव के 100 करोड़ हॉर्स ट्रेडिंग आरोप पर सरयू राय का पलटवार, बोले- पहले अपने गिरेबान में झांकें

जमशेदपुर: झारखंड राज्यसभा चुनाव में कथित 100 करोड़ रुपये की हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सांसद पप्पू यादव द्वारा लगाए गए आरोपों पर जमशेदपुर पश्चिमी से जेडीयू विधायक सरयू राय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें राजनीतिक स्टंटबाजी करार दिया है।सरयू राय ने कहा कि पप्पू यादव पहले अपने गिरेबान में झांकें। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। उनके अनुसार, बिना किसी ठोस प्रमाण के लगाए गए आरोप केवल राजनीतिक माहौल को गर्माने का प्रयास हैं।

‘महागठबंधन अपने विधायकों से पूछे’

सरयू राय ने कहा कि पप्पू यादव को महागठबंधन की बैठक बुलाकर कांग्रेस, राजद और माले के विधायकों से पूछना चाहिए कि किसने “अंतरात्मा की आवाज” पर मतदान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार नाथवानी को वोट किसने दिया, इसकी पड़ताल महागठबंधन को खुद करनी चाहिए और अपने भीतर दोषियों की पहचान करनी चाहिए।

हेमंत सोरेन को भी दी सलाह

जेडीयू विधायक ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी इस मुद्दे पर बैठक बुलाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के नेता होने के नाते हेमंत सोरेन को सहयोगी दलों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा करनी चाहिए।साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि भविष्य में कांग्रेस के बिना सरकार बनाने में एक विधायक की कमी पड़ती है, तो वह समर्थन देने के लिए तैयार हैं।

क्या हैं पप्पू यादव के आरोप?

बिहार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद पप्पू यादव ने दावा किया था कि झारखंड राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की हॉर्स ट्रेडिंग हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राशि छत्तीसगढ़ से बोरियों में भरकर बस के जरिए रांची लाई गई और बाद में पटना पहुंचाई गई। उन्होंने इस कथित मामले में पूर्व मंत्री सरयू राय, बेगूसराय की एक निर्माण कंपनी और कुछ अन्य लोगों का नाम भी लिया।

सरयू राय ने आरोपों को किया खारिज

सरयू राय ने पप्पू यादव के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार और राजनीतिक बयानबाजी बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस साक्ष्य है तो उसे संबंधित जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, न कि केवल सार्वजनिक मंचों से आरोप लगाए जाएं।

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