रांची: झारखंड में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान 2026’ की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत 30 जून (मंगलवार) को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक बीएलओ और बीएलए-2 की पहली संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।इस अवसर पर प्रत्येक मतदान केंद्र पर ‘चुनाव पाठशाला’ का भी आयोजन किया जाएगा, जहां आम नागरिकों को मतदान प्रक्रिया, मतदाता सूची और निर्वाचन संबंधी अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
आम जनता से सहभागिता की अपील
निर्वाचन आयोग ने इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए सभी पात्र मतदाताओं, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, पूर्व पोलिंग एजेंटों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से ही राज्य की मतदाता सूची को शुद्ध, सटीक और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। आयोग का मानना है कि जनसहभागिता इस अभियान की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी।
‘कोई पात्र छूटे न, कोई अपात्र जुड़े न’ रहेगा अभियान का लक्ष्य
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।अभियान के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे। वहीं, जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है या जो स्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो गए हैं, उनके नाम नियमानुसार हटाए जाएंगे। इसके अलावा मतदाता सूची में नाम, पता, आयु, फोटो अथवा अन्य विवरणों में मौजूद त्रुटियों का भी सुधार किया जाएगा।
मतदाता सूची को बनाया जाएगा अधिक पारदर्शी
निर्वाचन आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि भविष्य में होने वाले चुनाव निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से संपन्न कराए जा सकें। आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से समय पर अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराने और चुनाव पाठशाला में भाग लेने की अपील की है।
