पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सुनील सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता को लेकर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। मीडिया से बातचीत के दौरान सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि निशांत कुमार की राजनीतिक शुरुआत के समय उन्हें ‘इंजीनियर’ के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जबकि अब सामने आए आधिकारिक दस्तावेजों से उनकी वास्तविक शैक्षणिक योग्यता का पता चला है।
‘स्वामी विवेकानंद की तरह पेश किया गया’
सुनील सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता पक्ष ने निशांत कुमार की छवि ऐसे पेश की थी मानो कोई बड़ा विद्वान या स्वामी विवेकानंद जैसा व्यक्तित्व राजनीति में प्रवेश कर रहा हो। उन्होंने दावा किया कि अब हलफनामे और अन्य दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं तक ही है।
कॉलेज बीच में छोड़ने का लगाया आरोप
आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि निशांत कुमार अपनी पढ़ाई के दौरान कॉलेज छोड़कर चले गए थे और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि जनता के सामने जो तस्वीर पेश की गई थी, वह वास्तविकता से अलग थी।
जेडीयू नेताओं से मांगी माफी
सुनील सिंह ने जेडीयू नेताओं और प्रवक्ताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने लगातार निशांत कुमार को लेकर बड़े-बड़े दावे किए, उन्हें अब बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताओं को स्वीकार करना चाहिए कि जनता को गलत जानकारी दी गई और इसके लिए सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए।
सरकार पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
आरजेडी एमएलसी ने राज्य सरकार पर युवाओं की नौकरी, विकास और जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों की बजाय गैर-जरूरी विषयों को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाया जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी से गर्माया माहौल
निशांत कुमार की राजनीतिक भूमिका और हालिया चुनावी गतिविधियों के बीच आए इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, इस मुद्दे पर जेडीयू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
