Bengal: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य समारोह में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी,गंगा में 500 नावों पर योगाभ्यास का बनेगा नया ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’

कोलकाता: आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के अवसर पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष कोलकाता में आयोजित होने वाले देश के मुख्य और सबसे भव्य योग कार्यक्रम में खुद हिस्सा लेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां कोलकाता में युद्धस्तर पर चल रही हैं और आयोजकों का दावा है कि इस दौरान कई नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स कायम किए जाएंगे।
मुख्य कार्यक्रम में 40 हजार लोग एक साथ करेंगे योग; रेड रोड पर होने की संभावना
योग प्रशिक्षक और वीवाईएएसए कोलकाता के निदेशक डॉ. अभिजीत घोष ने गुरुवार को इस भव्य आयोजन की तैयारियों का खाका मीडिया के सामने रखा। डॉ. घोष ने बताया कि 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लगभग 30 से 40 हजार लोग एक साथ एक सुर में योगाभ्यास करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य आयोजन स्थल को लेकर फिलहाल कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड और ब्रिगेड मैदान के बीच अंतिम निर्णय होना बाकी है। चूंकि जून के महीने में मानसून की बारिश के कारण ब्रिगेड मैदान में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए रेड रोड पर आयोजन होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
गंगा नदी पर 500 नावों को जोड़कर बनेगा ‘गिनीज रिकॉर्ड’
इस बार कोलकाता का योग दिवस केवल पारंपरिक मैदानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बंगाल की भौगोलिक पहचान को योग से जोड़ा जाएगा। डॉ. घोष के अनुसार, गंगा नदी के सीने पर एक साथ अनूठा योगाभ्यास आयोजित किया जाएगा। वर्तमान में 450 नावों पर एक साथ योग करने का गिनीज रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ते हुए इस बार बंगाल में 500 नावों को एक साथ जोड़कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा गंगा तट, सुंदरबन के द्वीपों, सुदूर गांवों और शहरों की गलियों तक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
“आम लोगों के साथ जमीन पर बैठकर योग करना पसंद करते हैं पीएम”
प्रधानमंत्री मोदी के योग के प्रति समर्पण का जिक्र करते हुए डॉ. अभिजीत घोष ने कहा कि पीएम अपनी बेहद व्यस्त दिनचर्या के बावजूद रोजाना योग करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी आम लोगों के साथ जुड़कर योग करना पसंद करते हैं। उनके लिए कोई विशेष ऊंचा वीआईपी मंच या अलग व्यवस्था नहीं होती। अभ्यास शुरू होते ही वे आम प्रतिभागियों के बीच जमीन पर अपनी मैट (चटाई) बिछाकर योग करते हैं। डॉ. घोष ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सहित देश के कई नेताओं ने योग को अपनाया, लेकिन योग को संयुक्त राष्ट्र के जरिए विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए जिस इच्छाशक्ति और वैश्विक नेतृत्व की आवश्यकता थी, वह पीएम मोदी ने प्रदान की।
बंगाल के विभिन्न विभागों ने झोंकी ताकत
आयोजकों का कहना है कि बंगाल के लोगों ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि इतने कम समय में इतने विशाल पैमाने पर योग दिवस की थीम का प्रस्तुतीकरण कोलकाता में होगा। इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने और लॉजिस्टिक्स व सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार के विभिन्न विभाग और केंद्र सरकार की एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ पूरी ताकत से जुट गई हैं।



