Bengal: बंगाल चुनाव में दूसरे चरण के लिए एनआईए तैनात, बम धमाकों और हिंसा को रोकने के लिए चुनाव आयोग का ‘मास्टरस्ट्रोक

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले चुनाव आयोग ने राज्य में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की तैनाती कर दी है। चुनाव के दौरान बमों के इस्तेमाल और किसी भी तरह की आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए पहली बार इस स्तर पर केंद्रीय जांच एजेंसी को चुनावी सुरक्षा में लगाया गया है।

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की तैनाती की मुख्य वजह

प्रथम चरण के मतदान के बाद राज्य के कई हिस्सों से विस्फोटक मिलने की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। पहले दौर की वोटिंग के बाद कई इलाकों में तलाशी अभियान के दौरान देसी बमों का जखीरा मिला था। हाल ही में भांगर में टीएमसी कार्यकर्ता रफीकुल इस्लाम के घर से 79 देसी बम बरामद हुए थे। इस घटना ने चुनाव आयोग को कड़ा फैसला लेने पर मजबूर किया।नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की टीमें उन संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं, जहाँ खुफिया जानकारी के अनुसार हिंसा भड़काने के लिए विस्फोटकों का भंडारण किया गया है।

पुलिस अधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम

चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर से लेकर थाना स्तर के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश जारी किया है। यदि किसी भी अधिकारी के कार्यक्षेत्र में बम विस्फोट या मतदाताओं को डराने-धमकाने की घटना होती है, तो संबंधित अधिकारी पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।संवेदनशील बूथों और इलाकों में पुलिस के साथ अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की टीमें भी तकनीकी और खुफिया स्तर पर निगरानी रखेंगी।

भयमुक्त मतदान

प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी डर के 29 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में एनआईए की यह सक्रियता एक नया मोड़ है। जहां विपक्षी दल इसे निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी बता रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे केंद्रीय हस्तक्षेप करार दे रहा है। हालांकि, आम मतदाताओं के लिए यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत के रूप में देखा जा रहा है।

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