Jharkhand: जहरीले गुपचुप का कहर, 6 वर्षीय मासूम की मौत सहित 22 लोग अस्पताल में भर्ती

साहिबगंज : सदर प्रखंड अंतर्गत बजटो गांव में शनिवार शाम हुई एक छोटी सी लापरवाही ने रविवार को बड़े हादसे का रूप ले लिया। गांव में घूम-घूमकर गुपचुप और छोला बेचने वाले एक अज्ञात ठेले वाले से चाट खाना ग्रामीणों पर भारी पड़ गया। जहरीले खाने के कारण गांव के दर्जनों लोग बीमार हो गए हैं।

मासूम की मौत से मचा कोहराम

रविवार सुबह होते ही गुपचुप खाने वाले लोगों को तेज बुखार, उल्टी और असहनीय पेट दर्द की शिकायत होने लगी।6 वर्षीय रंजन कुमार की स्थिति सबसे ज्यादा बिगड़ गई। उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटे को खोने के बाद मां रिंकू देवी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।

सदर अस्पताल में आपात स्थिति: 22 मरीज भर्ती

एक साथ बड़ी संख्या में बीमार लोगों के पहुंचने से सदर अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।अस्पताल में 5 वर्ष से लेकर 45 वर्ष तक के कुल 22 से अधिक मरीज भर्ती हैं। सभी को ड्रिप पर रखा गया है।सिविल सर्जन की देखरेख में डॉक्टरों की विशेष टीम मरीजों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि मरीजों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

प्रशासन अलर्ट: डीसी के निर्देश पर पहुंचे अधिकारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। एसडीएम, एसडीपीओ, सिविल सर्जन और बीडीओ समेत कई अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हाल जाना और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इलाके से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए हैं। वहीं, पुलिस की टीम फरार ठेले वाले की तलाश में सघन छापेमारी कर रही है।

बड़ा सवाल: सुरक्षा और सतर्कता कहां?

इस घटना ने सड़क किनारे बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और प्रशासन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना पंजीकरण और जांच के गांव-गांव घूम रहे वेंडर्स पर नियंत्रण क्यों नहीं है?क्या खाद्य सुरक्षा विभाग केवल हादसों के बाद ही नमूने लेने के लिए जागेगा?

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