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Jharkhand: सरायकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम में राजकीय चैत्र पर्व–सह–छऊ महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ, सांसद जोबा मांझी ने किया उद्घाटन

सरायकेला: सरायकेला स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में 11 से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले राजकीय चैत्र पर्व–सह–छऊ महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ शनिवार को पारंपरिक विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र की माननीया सांसद श्रीमती जोबा मांझी ने स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ कर महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया।यह महोत्सव झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, खासकर सरायकेला की प्रसिद्ध छऊ नृत्य परंपरा को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर वर्ष आयोजित किया जाता है। उद्घाटन के दौरान पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय पूजा-पाठ और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ की गई। पूजा के माध्यम से क्षेत्र की समृद्धि, शांति और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण की कामना की गई। इसके बाद महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया गया।उद्घाटन समारोह में स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित लोगों का स्वागत किया। पूरे आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे महोत्सव का माहौल और भी भव्य नजर आया।

कई प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन में जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह,पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लुनायत,जिला परिषद अध्यक्ष,महापौर, नगर निगम,नगर पंचायत अध्यक्ष, सरायकेला,अपर उपायुक्त ,अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला उपस्थित रहे।सभी अधिकारियों ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

छऊ नृत्य और संस्कृति का होगा भव्य प्रदर्शन

तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में सरायकेला की प्रसिद्ध छऊ नृत्य शैली सहित कई पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिससे दर्शकों को झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।छऊ नृत्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है और यह झारखंड की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मिल रहा बढ़ावा

राजकीय चैत्र पर्व–सह–छऊ महोत्सव का आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं को संरक्षित करने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है।

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