Jharkhand: डीसी ऑफिस में शव रखकर परिजनों का प्रदर्शन, 50 लाख मुआवजे की मांग

जमशेदपुर : लौहनगरी के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर निवासी सन्नी पुष्टि की इलाज के दौरान मौत के बाद गुरुवार को शहर में भारी तनाव देखा गया। आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग युवक का शव लेकर सीधे उपायुक्त कार्यालय पहुँच गए और मुख्य गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे प्रशासनिक परिसर में घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अस्पताल पर लापरवाही का आरोप और मुआवजे की मांग
परिजनों का गुस्सा जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ था। परिजनों ने मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे और सरकारी मदद की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती, जिसके कारण सन्नी की जान गई। आक्रोशित लोग मौके पर ही उपायुक्त को बुलाने की मांग पर अड़े रहे और शव के साथ कार्यालय परिसर के अंदर घुसने का प्रयास किया।
पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की
जैसे ही परिजन शव लेकर डीसी ऑफिस के गेट पर पहुँचे, सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। गेट पर तैनात पुलिस बल और परिजनों के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान मामला इतना बढ़ गया कि लोगों ने सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा के साथ भी धक्का-मुक्की की। भारी मशक्कत के बाद पुलिस स्थिति को नियंत्रित कर पाई।
क्या था पूरा मामला? (31 मार्च की घटना)
सन्नी पुष्टि की मौत उस हिंसक झड़प का परिणाम है जो 31 मार्च को छायानगर में हुई थी।छेड़खानी के विरोध को लेकर दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। इस झड़प में फायरिंग और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। सन्नी को एक आंख में गोली लगी थी और उसके शरीर पर हथियारों से कई गहरे वार किए गए थे। पुलिस इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
प्रशासन का रुख
प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।



