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Bihar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा कल, 13 अप्रैल को दे सकते हैं इस्तीफा

पटना : बिहार की सियासत में एक बड़े युग के अंत और नए अध्याय की शुरुआत के संकेत मिलने लगे हैं। बुधवार को अचानक बिहार कैबिनेट की बैठक स्थगित होने के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल (9 अप्रैल) दिल्ली रवाना होंगे, जहाँ वे संसदीय राजनीति की नई पारी की औपचारिक शुरुआत करेंगे।

राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ और दिल्ली दौरा

नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे का मुख्य एजेंडा राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करना है।वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। हाल ही में उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया था।इसी दिन दिल्ली में भाजपा की कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम सहमति बन सकती है।

इस्तीफे का ‘काउंटडाउन’: 13 अप्रैल की तारीख महत्वपूर्ण

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने अपने इस्तीफे और सत्ता हस्तांतरण के लिए एक विस्तृत समय-सारणी तैयार की है।11 अप्रैल को दिल्ली से लौटने के बाद पटना में कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जहाँ मुख्यमंत्री अपने सहयोगियों का आभार व्यक्त कर सकते हैं।13 अप्रैल को एनडीए विधानमंडल दल की अहम बैठक बुलाई गई है। चर्चा है कि इसी बैठक में नीतीश कुमार विधायकों को अपने फैसले की जानकारी देंगे और इसके तुरंत बाद राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।15 अप्रैल को संभावना जताई जा रही है कि खरमास समाप्त होने के बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।

कौन होगा बिहार का नया मुख्यमंत्री?

नेतृत्व परिवर्तन की इस रेस में कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन सबसे प्रबल दावेदारी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मानी जा रही है। हाल के कार्यक्रमों में नीतीश कुमार ने स्वयं सम्राट चौधरी के नेतृत्व की सराहना की है, जिससे उनके नाम पर मुहर लगने की संभावना प्रबल है।मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार को लेकर भी पोस्टर वार जारी है, हालांकि उन्हें नई सरकार में ‘उपमुख्यमंत्री’ या किसी महत्वपूर्ण सांगठनिक जिम्मेदारी मिलने की अटकलें हैं।

कैबिनेट बैठक स्थगित होने के मायने

आज होने वाली कैबिनेट बैठक का अचानक टलना इस बात का पुख्ता संकेत माना जा रहा है कि सरकार अब केवल औपचारिकताओं की प्रतीक्षा कर रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलावों की तैयारी चल रही है। आने वाले एक सप्ताह बिहार की सत्ता संरचना को पूरी तरह बदल सकते हैं।

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